कल्याण स्टेशन पर फर्जी रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया
Maharashtra News: मुंबई के सेंट्रल रेलवे विजिलेंस टीम ने हरिश कांबले नामक व्यक्ति को नकली विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर घूमते हुए पकड़ा. इसके बाद आरोपी को कार्रवाई के लिए जीआरपी कल्याण के पास भेजा गया है.

मुंबई के सेंट्रल रेलवे विजिलेंस टीम ने एक कर्मचारी से प्राप्त मौखिक शिकायत के आधार पर गुरुवार (22 जनवरी 2026) को कल्याण रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में हरिश कांबले नामक एक व्यक्ति रेलवे बोर्ड के विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर घूम रहा था. इसे 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने बताया कि, गुरुवार को आरोपी को पांच घंटे लंबे ट्रैप ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया था.
आरोपी पर धारा 318(2) और 319(2) के तहत की गई FIR दर्ज
मामले की शिकायत कल्याण रेलवे बुकिंग कार्यालय में कार्यरत बुकिंग क्लर्क मंगेश बदगुजर द्वारा की गई थी. जिसके बाद हरिश कांबले पर कर्रवाई शुरू की गई थी. आरोपी हरिश कांबले खुद को रेलवे बोर्ड का विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर डीआरएम कार्यालय मुंबई से भुगतान बकाया पास कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था. शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने दोपहर करीब 2:30 बजे कल्याण रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया.
कार्रवाई के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी कल्याण के हवाले किया गया है. इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) और 319(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
आरोपी पर 2012 में भी हुआ था फर्जी टीसी का मामला दर्ज
प्रांरभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी काफी लंबे समय से रेलवे बोर्ड के सतर्कता निरीक्षक होने का ढोंग कर रहा था, ताकी वे वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों तक अपनी पहुंच बना सके. जिसके बाद अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी हरिश कांबले अधिकारियों को गुमराह करके वीआईपी रेलवे कोटा प्राप्त करने के लिए अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा था.
गौरतलब है कि हरिश कांबले को इससे पहले साल 2012 में दादर में फर्जी टीसी (टिकट चेकर) मामले में भी दोषी पाया गया था, जिसके बाद उसे सजा दी गई थी. फिलहाल कल्याण सरकारी रेलवे पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपी को भी उनके हवाले सौंप दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि जीआरपी स्टेशन प्रभारी पंढरी कांडे की देखरेख में यह जांच चल रही है.



















