मुंबई CJP प्रोटेस्ट पर BJP का बड़ा बयान, 'बस सुर्खियों में आना है...'
CJP विरोध-प्रदर्शन के लिए मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर बीजेपी विधायक राम कदम ने कहा कि आंदोलन करने की कई और जगहें हैं, लेकिन किस प्रकार से सुर्खियों में आएं, यही उनकी मंशा है

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के लिए मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर बीजेपी विधायक राम कदम की प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह का चुनना जहां आसपास अस्पताल है और लोग रहते हों तो इससे उन्हें काफी परेशानी होगी.
इस तरह की जगह चुनने का उद्देश्य केवल सुर्खियों में बने रहने का है. उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के पोस्टर में कॉकरोच को पैरों तले दिखाने पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि वो हमारे अराध्य हैं. उन्होंने CJP को कांग्रेस की बी टीम बताया है.
राम कदम का CJP पर निशाना
उन्होंने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी को यदि आंदोलन करना है, तो लोकतंत्र में हर दल का अधिकार है, जरूर करें, लेकिन शिवाजी पार्क का मैदान चुनना, जहां आसपास अस्पताल है, लोग रह रहे हैं, क्या ऐसी जगह पर आंदोलन करके अस्पताल के मरीजों को तकलीफ पहुंचाना चाहते हैं, क्या मंशा है उनकी? आंदोलन करने की कई और जगहें हैं, लेकिन किस प्रकार से सुर्खियों में आएं, यही उनकी मंशा है.
लगाया शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप
उन्होंने आगे कहा, "एक हमने पोस्टर देखा, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज जी की तस्वीर है और उनके पैरों के तले कॉकरोच दिखाए गए, क्या है ये? छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे आराध्य हैं, समूचा देश उन्हें दैवत मानता है, भगवान मानता है और जिस विषय पर आंदोलन कर रहे हो, चुनाव आयोग को लेकर, आप कांग्रेस के इशारे पर कर रहे हो, ये देश को पता है, ये CJP कांग्रेस की ही दूसरी टीम है और कोई नहीं है."
क्या है मामला?
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन की अनुमति चाहती थी, लेकिन उसे मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति नहीं मिल सकी. इसके बाद CJP ने जेल भरो आंदोलन' की घोषणा की थी. पुलिस ने इसपर सफाई भी दी थी कि शिवाजी पार्क में किसी भी जमावड़े का अधिकार पुलिस के पास नहीं है. ये रोक कोर्ट के एक फैसले और महाराष्ट्र के आदेश के बाद से लगी हुई है. ये इलाका साइलेंस जोन घोषित है क्योंकि आसपास रिहायशी इलाका है और किसी भी तरह की रैली या विरोध से आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ है. CJP की मांग है कि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और वोटर लिस्ट फ्रीज किए जाए.
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