Nagpur News: तोतों से फसल नुकसान पर हाई कोर्ट सख्त, किसानों को मुआवजा दे सरकार, नागपुर बेंच का बड़ा आदेश
Nagpur News In Hindi: महाराष्ट्र में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तोतों से फसल नुकसान पर किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया. सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्पष्ट व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए.

महाराष्ट्र में किसानों के हित में एक अहम फैसला सामने आया है. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले पक्षियों, खासकर तोतों के कारण हुए नुकसान की भरपाई किसानों को दी जाए. कोर्ट ने माना कि वन्यजीवों से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार की है और किसानों को इसका खामियाजा अकेले नहीं भुगतना चाहिए.
इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनकी फसलें तोतों के झुंड द्वारा बर्बाद हो जाती हैं. कोर्ट ने सरकार से कहा है कि ऐसे मामलों में मुआवजा देने की स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके.
किसान के नुकसान की भरपाई करें सरकार- कोर्ट
नागपुर पीठ की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता ने अपने फैसले में साफ कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत तोते भी संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आते हैं. ऐसे में यदि इन पक्षियों से किसानों की फसलों को नुकसान होता है, तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी भरपाई करें. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यदि संरक्षित प्रजातियों से हुए नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता, तो कानून का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाएगा. कोर्ट ने कहा कि किसान ऐसे में किसी भी अवैध उपाय का सहारा लेने को मजबूर हो सकते हैं, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए खतरा बन सकता है.
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साथ ही, यह मामला वर्धा जिले के हिंगी गांव के 70 वर्षीय किसान महादेव डेकाटे से जुड़ा है. किसान ने याचिका में बताया था कि मई 2016 में पास के वन्यजीव अभयारण्य से आए जंगली तोतों ने उनके लगभग 200 अनार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि मौजूदा नियमों के अनुसार मुआवजा केवल हाथी और जंगली मवेशियों द्वारा नुकसान की स्थिति में ही दिया जा सकता है. हालांकि अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया.
कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को दिया निर्देश
कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि किसान को 200 पेड़ों के नुकसान के लिए प्रति पेड़ 200 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए. इस फैसले को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. खासकर उन इलाकों में जहां वन्यजीवों से फसलों को नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं.
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