मुंबई: 'साधारण कार्यकर्ता भी बन सकता है प्रदेश अध्यक्ष', BJP स्थापना दिवस पर बोले रविंद्र चव्हाण
BJP Foundation Day News: बीजेपी के स्थापना दिवस पर महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने राष्ट्र प्रथम की विचारधारा, संगठन की ताकत को रेखांकित करते हुए बीजेपी को कार्यकर्ताओं की पार्टी बताया.

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार (6 अप्रैल) को अपना 46वां स्थापना दिवस मनाते हुए 47वें वर्ष में प्रवेश किया. इस मौके पर महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पार्टी की विचारधारा, संगठन और अपने राजनीतिक सफर को लेकर विस्तार से बात रखी. उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता का प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचना भाजपा जैसे संगठन में ही संभव है.
भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी. चव्हाण ने अपने लेख में लिखा कि उस समय बोया गया यह बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जो देशभर में फैला हुआ है.
उन्होंने बताया कि करीब 25 करोड़ कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से पार्टी आज इस मुकाम तक पहुंची है. उन्होंने कहा कि भाजपा की जड़ें सिर्फ राजनीति में नहीं, बल्कि एक मजबूत विचारधारा में हैं, जिसने हर कार्यकर्ता को गढ़ने का काम किया है.
जनसंघ से भाजपा तक का वैचारिक सफर
चव्हाण ने पार्टी के इतिहास को याद करते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब देश में समाजवादी और साम्यवादी विचारधारा का प्रभाव था, तब इन नेताओं ने अलग सोच के साथ जनसंघ के माध्यम से एक नई दिशा दी. उन्होंने बताया कि इन नेताओं की दूरदर्शिता और विचारधारा आज भी भाजपा के लिए मार्गदर्शक का काम कर रही है.
महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत करने वाले नेता
महाराष्ट्र में भाजपा के विस्तार का जिक्र करते हुए चव्हाण ने कई नेताओं के योगदान को याद किया. उन्होंने बताया कि उत्तमराव पाटील ने 1980 में पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन की नींव रखी.
इसके बाद गोपीनाथ मुंडे ने पार्टी को गांव-गांव तक पहुंचाया और ओबीसी व बहुजन समाज को मुख्यधारा में जोड़ा. 1995 में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने में उनकी अहम भूमिका रही.
चव्हाण ने नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस, रावसाहेब दानवे और चंद्रकांत पाटील जैसे नेताओं का भी जिक्र किया, जिन्होंने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
जाति आधारित राजनीति पर बीजेपी का जवाब
चव्हाण ने कहा कि भाजपा को कभी ‘शेटजी-भटजी’ की पार्टी कहकर आलोचना की जाती थी, लेकिन समय के साथ पार्टी ने इस धारणा को बदला. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में भाजपा ने 11 प्रदेश अध्यक्ष बहुजन समाज से दिए हैं, जो जाति आधारित राजनीति करने वालों के लिए करारा जवाब है. उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है.
अपने लेख में चव्हाण ने भाजपा की मूल विचारधारा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ पार्टी का मूल मंत्र है और ‘भारतीयत्व ही राष्ट्रीयत्व’ का विचार जमीन तक पहुंचाया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं का एक मजबूत नेटवर्क है. अगर देश के प्रति गर्व करना अति राष्ट्रवाद कहलाता है, तो भाजपा इसे स्वीकार करने को तैयार है.
चव्हाण ने बताया कि भाजपा समय के साथ तकनीक को अपनाते हुए ‘टेक-फ्रेंडली’ संगठन बन रही है. इससे बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से सीधे और रियल-टाइम संपर्क संभव हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे संगठन और सरकार के बीच तालमेल बेहतर हुआ है और योजनाओं को तेजी से जनता तक पहुंचाया जा रहा है.
5 ट्रिलियन इकोनॉमी और अंत्योदय पर फोकस
चव्हाण ने देश के आर्थिक लक्ष्य पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और उसमें महाराष्ट्र का 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान सुनिश्चित करना पार्टी का लक्ष्य है.
उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चल रही योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है.
उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है कि वह गांव-गांव तक सरकार की योजनाएं पहुंचाए और लोगों की समस्याएं सरकार तक ले जाए.
चव्हाण ने कहा कि जब भाजपा का हर कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम’ और सेवा की भावना से काम करेगा, तभी ‘विकसित भारत’ का सपना पूरा होगा. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित महाराष्ट्र जरूरी है और इसके लिए संगठन और सरकार दोनों को मिलकर काम करना होगा.
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