महू हिंसा से जुड़े वीडियो में बड़ा खुलासा, मस्जिद के सामने नहीं हुआ था उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने शुरू की जांच
Mhow Violence Video: महू हिंसा का नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें मस्जिद के सामने प्रदर्शन नहीं दिखाया गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

Mhow Violence Video: मध्य प्रदेश के महू में रविवार (9 मार्च) को फैली हिंसा का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिससे बड़ा खुलासा हुआ है. वीडियो में देखा जा सकता है कि मस्जिद के सामने किसी भी तरह का उग्र प्रदर्शन नहीं हुआ था. पुलिस ने इस नए वीडियो मामले में संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है.
महू में पथराव की घटना पर डीआईजी ग्रामीण निमिष अग्रवाल ने कहा, "हमने घटना के संबंध में 8 एफआईआर दर्ज की हैं और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमने 100 से अधिक उपद्रवियों की पहचान की है. इसमें 50 नामजद आरोपी हैं और 50 अन्य को आइडेंटिफाई कर लिया गया है. स्थिति सामान्य है और हम क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहे हैं और उसके अनुसार कार्रवाई की जा रही है."
डीआईजी ने जानकारी दी है कि दोनों ही पक्षों की तरफ से केस दर्ज कराए गए हैं. जो भी इसमें पीड़ित हैं, सबके आधार पर एफआईआर लिखी गई है. पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को यहां शांति बिगाड़ने का मौका नहीं दिया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में सभी को ध्यान देना होगा.
पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और न ऐसी अफवाहों पर ध्यान दें. पुलिस की टीम सोशल मीडिया की भी मॉनिटरिंग कर रही है कि किसी तरह के भ्रामक वीडियो या पोस्ट न किए जाएं. ऐसा करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा. अगर किसी को पथराव और आगजनी को लेकर बहकाया जा रहा है, तो उनकी बातों में न आएं.
पुलिस को सूचना मिली थी कि चौपाटी पर किसी ठेले में आग लगी है, उसे वेरिफाई किया जा रहा है. वहां पर छोटा सा बाजार है और कभी-कभी शॉर्ट सर्किट से भी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं.
मुस्लिम समाज का कहना है कि वह रिपोर्ट कराने आ रहे हैं, लेकिन नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही. इसपर पुलिस अधिकारी का कहना है कि पीड़ित जैसा कह रहे हैं, उसी आधार
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Source: IOCL





















