खंडवा में पीने के पानी के लिए चक्का जाम, लोगों ने लगाए एफआईआर दर्ज करने के आरोप
Khandwa Protest: खंडवा शहर के बाहेती कॉलोनी में पानी की समस्या के चलते लोगों ने चक्का जाम किया था. खंडवा शहर के कई क्षेत्रों में इस समय भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
Khandwa Protest For Water: मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में पीने के पानी की मांग कर रहे लोगों पर एफआईआर दर्ज करने का बड़ा मामला सामने आया है. यहां रविवार को शहर की बाहेती कॉलोनी की कुछ महिला एवं पुरुषों ने क्षेत्र में पानी नहीं आने को लेकर चक्का जाम किया था.
खंडवा शहर के कई क्षेत्रों में इस समय भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. यहां पानी सप्लाई करने वाली विश्वा कम्पनी की पाइपलाइन आए दिन फूट रही है. जिसके चलते शहर में पेयजल वितरण की व्यवस्था ठप हो रही है. ऐसे में इस गर्मी में पीने के पानी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके चलते ये गुस्साए लोग पानी के लिए सड़कों पर आकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं. रविवार को भी शहर के एसएन कॉलेज के पीछे स्थित बाहेती कॉलोनी के रहवासियों ने पीने के पानी की मांग करते हुए मुख्य सड़क पर आकर चक्का जाम करने की कोशिश की थी.
इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाया था. हालांकि इस दौरान वहां पहुंचे खंडवा एसडीएम बजरंग सिंह बहादुर की स्थानीय महिलाओं से बहस भी हुई थी. जिसमें एसडीएम ने उन्हें एफआईआर करने की धमकी दी थी. जिसका एक वीडियो भी जमकर शहर में वायरल हुआ था. हालांकि इसके बाद देर शाम एसडीएम ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने केवल समझाने के तौर पर ही ऐसा कहा था. उनका कार्रवाई का कोई इरादा नहीं था.
लेकिन सोमवार सुबह जारी पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक पीने के पानी के लिए प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं सहित वहां पहुंचे निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मल्लू राठौर एवं कांग्रेस नेता अर्श पाठक पर भी मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस ने सिविल लाइन निवासी निगम इंजीनियर की शिकायत पर दोपहर में ही आठ से अधिक लोगों पर बीएनएस की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की है. जिसमें बाहेती कॉलोनी की तीन महिलाओं समेत 8 नामजद एवं अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस रिपोर्ट में लिखा गया गया है कि आरोपीगण द्वारा एसएन कॉलेज के पीछे बाहेती कालोनी के तिराहे पर खंडवा जसवाडी रोड पर, रोड रोककर चक्का जाम कर उत्पात मचाने तथा जिला दण्डाधिकारी के आदेश का उलंघन किया गया है. वहीं इस कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष मल्लू राठौर ने इसे अन्याय बताते हुए कहा कि आम लोगों सहित उन पर मुकदमा दर्ज करना अन्याय है. वहीं चक्कजाम करने वाली महिलाओं का कहना है कि जेल जाएंगे ज़मानत नहीं लेंगे. पानी मांगना हमारा हक है.
क्या बोले Sdm
एसडीएम बजरंग बहादुर ने बताया कि कोई fir का आदेश नहीं दिया है. उन्होंने fir के बाद पल्ला झाड़ लिया और रिपोर्ट से खुद अलग होना बताया.
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Source: IOCL






















