'राज्य का दर्जा बहाल करने की तय करें समय-सीमा वरना...,' J&K में शिवसेना यूबीटी ने केंद्र को दी चेतावनी
Jammu Kashmir News: शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की समय सीमा घोषित करने की मांग की है. ऐसा नहीं होने पर पार्टी केंद्रीय मंत्रियों के दौरों के दौरान विरोध प्रदर्शन करेगी.

Jammu Kashmir Politics: जम्मू कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की समय सीमा को घोषित करने की मांग शिवसेना ने की है. यह मांग रखते हुए जम्मू में शिवसेना ने कहा है कि अगर यह मांग पूरी नहीं होती तो पार्टी केन्द्रीय मंत्रियों के प्रदेश के दौरों के दौरान विरोध-प्रदर्शन करेगी.
शिवसेना ने जम्मू में जनता से काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है. शिवसेना (यूबीटी) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा लौटाने को लेकर समय सीमा घोषित करने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि अगर यह समय सीमा घोषित नहीं होती तो शिवसेना तमाम केंद्रीय मंत्रियों के जम्मू कश्मीर के दौरों के दौरान काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज करने के साथ इन दौरों को 'जुमला दिवस' घोषित करेगी.
जम्मू में पार्टी प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है कि वह जारी संसद सत्र में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करें. साहनी ने कहा कि पिछले पांच सालों से इस पर मौखिक आश्वासन ही दिए जा रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 2019 के बाद संसद के किसी भी सत्र में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव नहीं रखा गया. इतना ही नहीं, जम्मू संभाग के भाजपा सांसदों ने भी सत्र के दौरान राज्य दर्जा बहाली के लिए कभी आवाज नहीं उठाई.
साहनी ने कहा कि 'सब चंगा होने ' के दावों के बावजूद हमारा राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जा रहा है.
वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस बल को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कर दिया गया है. हाल ही में एलजी ने दर्जनों अधिकारियों के तबादले और फेरबदल कर निर्वाचित उमर सरकार को याद दिलाया है कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में है. जनता की चुनी हुई सरकार के पास अधिकारों का नहीं होना, गैर-लोकतांत्रिक व मतदान के अधिकार को खोखला साबित करता है.
साहनी ने चेतावनी दी कि अगर राज्य का दर्जा बहाली की समय सीमा घोषित नहीं की गई तो शिवसैनिक गृह मंत्री अमित शाह के आगामी जम्मू-कश्मीर दौरे और भविष्य में भाजपा के सभी केंद्रीय मंत्रियों के दौरे पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करेंगे और उस दिन को जुमला दिवस घोषित किया जाएगा. साहनी ने जनता से भी काली पट्टियां बांधकर अपना विरोध दर्ज करने तथा राज्य दर्जा बहाली के अभियान को समर्थन करने की अपील की है.
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Source: IOCL





















