पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल, 'मैंने पहली बार देखा कि जब...'
Jammu Kashmir News: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पहलगाम में हमने 27-28 लोग खोए, उसके बाद हमने कई और भी लोगों को खो दिया. हमारे मकान तबाह हो गए.

Mehbooba Mufti On Pahalgam Attack: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमने इस घटना और उसके बाद कई लोगों को खो दिया और पुंछ जैसा शहर बर्बाद हो गया.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम आतंकी हमले और बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, ''मेरे ख्याल से आउटपुट ये निकला कि पहलगाम में हमने 27-28 लोग खोए, उसके बाद हमने कई और भी लोगों को खो दिया. हमारे मकान तबाह हो गए. पुंछ जैसे शहर की तबाही हुई, वहां लोग मारे गए. बच्चे और औरतें मारी गईं. अरबों रुपये की प्रॉपर्टी बर्बाद हुई. पहलगाम हमले में जो आतंकवादी शामिल थे, वो अभी तक पकड़े नहीं गए तो फिर हमने क्या हासिल किया?''
#WATCH | Srinagar, J&K | "We lost 27-28 people in Pahalgam, and then we lost more people. Many of the houses were destroyed, and our city, Poonch, has been destroyed. Children and women were killed, and those militants involved in Pahalgam are yet to be caught. What have we… pic.twitter.com/tbFgk0LKjM
— ANI (@ANI) May 20, 2025
युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को-महबूबा मुफ्ती
पीडीपी प्रमुख ने ये भी कहा, "मैंने पहली बार देखा कि जब संबंध युद्ध की हद तक बिगड़ जाते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होता है. खासकर सीमा के पास रहने वाले लोगों को ये नुकसान उठाना पड़ता है. पूरे के पूरे घर नष्ट हो जाते हैं और इन गरीब लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी घर बनाने में खर्च हो जाती है."
ऑल पार्टी डेलिगेशन को लेकर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती?
इससे पहले जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑल पार्टी डेलिगेशन को लेकर अपने विचार शेयर किए. उन्होंने लिखा, ''ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों को वैश्विक स्तर पर समझाने के लिए विभिन्न देशों में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल भेजना एक स्वागत योग्य और उचित कदम है.'' हालांकि उन्होंने वैश्विक शांति की भी बात कही.
युद्ध से केवल विनाश होता है- महबूबा मुफ्ती
उन्होंने कहा, ''आज की दुनिया में, जहां युद्ध से केवल विनाश होता है, और यह अब एक व्यवहार्य विकल्प नहीं रह गया है, यहां तक कि अंतिम उपाय के रूप में भी नहीं, कूटनीति हमारा सबसे प्रभावी साधन है.''
बता दें कि केंद्र सरकार ने विदेश जाने वाले सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में शामिल सभी सदस्यों के नाम तय कर दिए हैं. ये प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों और अन्य प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे और देश की आतंकवाद विरोधी नीति, सैन्य कार्रवाइयों और 'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी देंगे.
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