हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, अब 78 लोगों की मौत, 572 करोड़ का नुकसान और कई लापता
Himachal Weather News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है, जिससे बाढ़, भूस्खलन का खतरा है. अब तक 78 मौतें, 121 घायल और 37 लापता हैं, जिससे 572 करोड़ का नुकसान हुआ है.

Himachal Pradesh Heavy Rainfall Warning: हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर शेष सभी जिले शामिल हैं. विभाग ने आशंका जताई है कि लगातार बारिश के चलते कई जिलों में जल भराव, लैंडस्लाइड, बाढ़ और पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. हालांकि, चेतावनी के बीच राजधानी शिमला में सुबह से धूप खिली हुई है.
कल 8 जुलाई को भी ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा जबकि कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में यलो अलर्ट रहेगा. 9 जुलाई को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कमजोर पड़ने की संभावना है और इस दिन पूरे प्रदेश में केवल यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम के मिजाज को देखते हुए सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.
572 करोड़ का हुआ है नुकसान
हिमाचल में मानसून से अब तक 78 मौतें हुई हैं. 121 लोग घायल हुए हैं 37 लोग अभी भी लापता हैं. 572 करोड़ का नुकसान हुआ है. प्रदेश में 243 सड़कें बंद पड़ी हैं. 241 ट्रांसफार्मर ठप हैं. 278 पेयजल योजनाओं की जल आपूर्ति बाधित है. 10253 पशु पक्षी बह गए हैं, इसमें दस हज़ार पोल्ट्री बर्ड अकेले ऊना जिला के बीते कल के शामिल हैं. 163 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, 178 घरों को नुकसान हुआ है, 346 गौशालाएं बही हैं.
37 लोग अब भी हैं लापता
मानसून सीजन (20 जून से 6 जुलाई) के दौरान जो 78 लोगों की मौत हुई है. इनमें 1 की लैंडस्लाइड, 8 की फ्लैश फ्लड, 14 की बादल फटने, 8 की डूबने, 1 की आग, 2 की स्नेक बाइट, 4 की बिजली करंट, 8 की ऊंचाई से गिरने और अन्य कारणों से 4 मौतें शामिल हैं. इसके अलावा 28 लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई है जबकि 37 लोग अब भी लापता हैं.
वायुसेना आपदा ग्रस्त इलाकों में राशन पहुंचाने में जुटा हुआ है
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां 30 जून की रात आई त्रासदी में अब तक 14 लोगों के शव बरामद हुए हैं और 28 लोग अभी तक लापता हैं. भारतीय सेना, एसडीआरएफ और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है. मंडी में 225 घर, 243 गौशालाएं पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.
मंडी में सेना के जवान और बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाई जा सके. वायुसेना का हेलीकॉप्टर आपदा ग्रस्त इलाकों में राशन पहुंचाने में जुटा हुआ है.
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Source: IOCL





















