क्या दिल्ली विधानसभा में भी घट जाएगी AAP की संख्या? राघव चड्ढा के BJP में जाने से बिगड़ेगा गणित
Raghav Chadha News: राघव चड्ढा ने लंबे समय के बाद आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. ऐसे में दिल्ली विधानसभा में पार्टी की संख्या घटने की अटकलें लगना शुरू हो गई हैं.

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. इस बीच अब दिल्ली में पार्टी की स्थिति और गणित बिगड़ने को लेकर कयास लगना शुरू हो गए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिल्ली विधानसबा में भी आम आदमी पार्टी की संख्या घट जाएगी? क्या राघव के बीजेपी में शामिल होने पर दिल्ली विधानसभा में भी 'आप' का गणित बिगड़ेगा?
राघव चड्ढा ने राज्यसभा के दो-तिहाई सदस्यों के साथ आम आदमी पार्टी को बाय बोल दिया है. 'आप' के राज्यसभा में 10 सांसद हैं. इसमें से 7 के बीजेपी में शामिल होने की खबर सामने आते ही सियासी भूचाल आ गया है.
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क्या दिल्ली विधानसभा घट जाएगी 'आप' की संख्या?
ऐसे में अब आम आदमी पार्टी के सामने एक बड़ी चुनौती आ गई है. पार्टी को अपने विधायकों को एकजुट करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. सूत्रों का कहना है कि इस सियासी घटनाक्रम से दिल्ली में 5 से 7 विधायकों पर भी असर पड़ सकता है. जो 'आप' के लिए बहुत बड़ी चिंतनीय बात है.
दिल्ली विधानसभा में पार्टी की वर्तमान स्थिति साल 2015 में 67 विधायकों की संख्या थी, जो अब सिर्फ 22 पर सिमट कर रह गई है. 2015 और 2020 में पार्टी ने 70 में 67 और 62 सीटों पर जीत हासिल की थी. अब अगर आम आदमी पार्टी से 7 और विधायक निकल जाते हैं तो दिल्ली विधानसभा में पार्टी सिर्फ 15 सीटों की संख्या पर रह जाएगी.
पंजाब चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति
दिल्ली विधानसभा में पार्टी के 22 विधायकों में से 15 को दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए सदन में मुख्य विपक्षी दल से पाला बदलना होगा. एक सूत्र ने बताया कि बीजेपी की रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है. 2027 में होने वाले चुनावों से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी के पूर्व नेताओं को थोपकर भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाना.
कहा जा रहा है कि राघव चड्ढा को जनसमर्थक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. वह एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो इस मामले में बीजेपी के लिए कामगर हो सकते हैं, क्योंकि दलबदल करने वाले अन्य लोग जन नेता नहीं हैं. शुक्रवार को चड्ढा की घोषणा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के तीन सप्ताह बाद आई.
मीडियाकर्मियों के सामने घोषणा करने के बाद उन्होंने अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से पार्टी के कार्यालय में मुलाकात की. इसके बाद तीनों नेताओं ने बीजेपी का हाथ थाम लिया.
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