'जो पटाखे जलाते हैं वो देशद्रोही', प्रदूषण पर बोलीं मेनका गांधी, SC के ग्रीन पटाखे पर भी कसा तंज
Maneka Gandhi: दिल्ली प्रदूषण पर BJP नेता मेनका गांधी ने पटाखे जलाने वालों को देशद्रोही बताया और SC के आदेशों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा- ग्रीन पटाखे जैसी कोई चीज नहीं होती और पटाखे ही प्रदूषण की वजह है.

दिल्ली कई महीनों से साफ हवा को तरस रही है. प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली पर हाल ही में बीजेपी नेता मेनका गांधी ने अपनी टिप्पणी कर दी है. इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट सहित हर उस इंसान पर निशाना साधा है जो पटाखे जलाते हैं.
मेनका गांधी ने कहा, 'जो लोग पटाखे जलाते हैं वो देशद्रोही हैं. मेरे मन में इसके लिए और कोई शब्द नहीं हैं... एक तो वो लोग अपना इतना पैसा फूंकते हैं, दीवाली पर, दशहरा पर, शादियों में, नए साल पर, क्रिकेट मैचों के दौरान, या किसी भी दिन, ये लोग पटाखे फोड़ते हैं, और इसका नतीजा ये है कि हम सांस तक नहीं ले पाते हैं.'
पराली जलाने पर की टिप्पणी
उन्होंने आगे कहा, "देश में हम दूसरी चीजों को दोष देते हैं - कि कोई खेत जला रहा है, वाहनों में कोई समस्या है - लेकिन यह सब झूठ है. क्योंकि अगर ये सच होता तो दीवाली से तीन दिन पहले तक हवा साफ रहती है, और दिवाली से लेकर नए साल तक, हम सांस नहीं ले पाते... और केवल एक वजह है. अगर सिर्फ दीवाली के दिन ही दिल्ली में 800 करोड़ रुपये के पटाखे जला दिए जाएं, तो क्या परिणाम होगा? हम लोग मैदानी इलाके ने भी नीचे है जिस वजह से यह जहरीली हवा बारिश होने तक दूर नहीं होगी... और बारिश भी आएगी तो क्या होगा जो केमिकल है वो धरती में चली जाएगी, जमीन जहरीला हो जाएगा और इसमें मजे की क्या है."
सुप्रीम कोर्ट की पूरी गलती है- मेनका गांधी
उन्होंने कहा, "ये सुप्रीम कोर्ट की पूरी गलती है. सुप्रीम कोर्ट ने फिर एक गलत ऑर्डर दिया. अब सुप्रीम कोर्ट की एक आदत सी बन गई है कि मनमाने ऑर्डर्स देना बिना किसी वैज्ञानिक तर्क के उन्होने कह दिया ग्रीन पटाखे. ग्रीन पटाखे का मतलब क्या है, कौन हैं पीले, नीले पटाखे? जो भी कमबस्ट (फूटता) है वो पटाखा होता है और उसके लिए आपको केमिकल की जरूरत होती है तो ग्रीन पटाखे नाम की चीज दुनिया में नहीं है. इससे अच्छा या तो सब बैन करो या फिर ये कहो कि सब मर जाए. ग्रीन पटाखे है ही नहीं, अगर मैं आपसे बोलूं कि आप अच्छी सिगरेट पीना तो क्या अच्छा क्या बुरा."
#WATCH | Delhi | BJP leader Maneka Gandhi says," Those who use firecrackers are traitors to the country.' I have no other words for it in my mind... On Diwali, on Dussehra, at weddings, on New Year's, during cricket matches, or on any other day, these people burst firecrackers,… pic.twitter.com/bxU2Ei9FUA
— ANI (@ANI) January 5, 2026
'5 लाख सिगरेट फूंक देते हैं, तो..'
उन्होंने कहा कि सबसे अजीब बात ये है कि जो लोग सबसे ज्यादा पटाखे जलाते हैं वो सबसे ज्यादा चिल्लाते हैं कि सरकार क्या कर रही है. इतना प्रदूषण है लेकिन प्रदूषण तो उन्होंने ने ही किया है. ये पटाखों का समय चला गया है. इसको कभी नहीं आना चाहिए था. एएनआई को दिए बयान में उन्होंने कहा, "मान लो हमलोग एक ढेर बना कर एक कालोनी में 5 लाख सिगरेट फूंक देते हैं, तो लोग क्या बोलते हैं - 'हम सब ऐसे मरेंगे' तो हम तो उससे भी ज्यादा कर रहे हो जब आप पटाखे जलाते हो. राम-सीता के समय पटाखे होते थे क्या. जब वो आए तो पटाखे फोड़े गए थे क्या? दीये जलाए गए थे और वो भी क्या पता जल भी रहे थे तो तेल था या क्या लेकिन पटाखे तो नहीं थे."
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Source: IOCL
























