'मुझे आठ सालों से बॉलीवुड से नहीं मिला कोई काम', ए आर रहमान का दावा, बोले- 'सत्ता अब क्रिएटिव लोगों के हाथों में नहीं'
A R Rahman: ए आर रहमान ने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया है कि उन्हें पिछले 8 सालों से बॉलीवुड से कोई काम नहीं मिला है. उन्होंने इसके पीछे की वजहों का भी खुलासा किया है.

आर रहमान आज बॉलीवुड के सबसे टैलेंटेड म्यूजिक कंपोजर्स में से एक हैं, लेकिन हिंदी गाने बनाने में उन्हें कंफर्टेबल महसूस करने में सात साल लग गए. उन्होंने मणिरत्नम की 1991 में आई रोमांटिक थ्रिलर फिल्म 'रोजा' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था और उनके साथ 'रोजा', 'बॉम्बे' (1995) और 'दिल से...' (1998) जैसी तीन फिल्मों में काम किया. उन्होंने रामगोपाल वर्मा की 1995 में आई रोमांटिक कॉमेडी 'रंगीला' से भी अपनी पहचान बनाई, जो मणिरत्नम की फिल्मों से बिल्कुल अलग थी. वहीं म्यूजिशियन ने एक इंटरव्यू में कहा है कि बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने में उन्हें कई साल लग गए. उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पिछले आठ सालें से काम न मिलने के बारे में भी खुलकर बात की और इसके कारणों पर भी सवाल उठाए.
8 सालों से नहीं मिला बॉलीवुड से काम
बीबीसी एशियन नेटवर्क से बात करते हुए ए आर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आठ सालों से उन्हें बॉलीवुड से कोई काम नहीं मिला है. उन्होंने कहा पिछले आठ सालों में, संगीत निर्माण में "नियंत्रण" संगीतकारों और निर्देशकों से हटकर संगीत लेबल और कॉर्पोरेट संस्थाओं के हाथों में चला गया है.
ए आर रहमान ने कहा, “शायद पिछले आठ वर्षों में, सत्ता में बदलाव आया है और अब सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं. यह सांप्रदायिक भावना से भी जुड़ा हो सकता है… लेकिन यह सीधे तौर पर मेरे सामने नहीं है. यह मुझे कानाफूसी के रूप में सुनाई देता है.”
‘मैं काम की तलाश में नहीं हूं’
रहमान ने ये भी क्लियर किया है कि मंदी ने उनके आत्मसम्मान या क्रिएटिव पीस को प्रभावित नहीं किया है. एक्टिवली प्रोजेक्ट को सर्ज करने के बजाय, वे काम को नेचुरली अपने पास आने देना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, “उन्होंने आपको बुक किया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने अपने पांच कंपोजर को काम पर रख लिया.” उन्होंने शांत भाव से आगे कहा, “मैं कहता हूं, अच्छा है, अब मेरे पास अपने परिवार के साथ आराम करने के लिए और समय है. मैं काम की तलाश में नहीं हूं. मैं काम की तलाश में नहीं जाना चाहता. मैं चाहता हूं कि काम मेरे पास आए, मेरी ईमानदारी मुझे काम दिलाए. मैं जिसके काबिल हूं, वही मुझे मिलता है.”

ए आर रहमान के दावे पर क्या बोले जावेद अख्तर?
वहीं मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में रहता हूं, सभी लोगों से मिलता हूं. लोग मेरा काफी सम्मान करते हैं. शायद लोग यह समझते होंगे कि एआर रहमान वेस्ट में ज्यादा व्यस्त रहते हैं, शो में ज्यादा समय देते हैं, इसलिए हमारे पास आएंगे या नहीं, रहमान इतनी महान शख्सियत हैं कि छोटे निर्माता भी उनके पास जाने में झिझक महसूस कर सकते हैं.
शान ने भी किया रिएक्ट?
बॉलीवुड सिंगर शान ने भी ए आर रहमान के हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 8 सालों से काम न मिलने की स्टेटमेंट पर रिएक्ट किया है. शान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि संगीत उद्योग में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है और उन्होंने सभी से इस बारे में ज्यादा न सोचने की अपील भी की. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे आरोप लगाने के बजाय 'अच्छा काम करना' और 'अच्छा संगीत बनाना' जरूरी है.
शान ने कहा, "काम न मिलने की बात करें तो मैं यहीं आपके सामने खड़ा हूं. मैंने इतने सालों में इतना कुछ गाया है, फिर भी मुझे कभी-कभी काम नहीं मिलता. लेकिन मैं इसे पर्सनली नहीं लेता, क्योंकि यह एक निजी मामला है; हर किसी की अपनी सोच और अपनी पसंद होती है... अगर ऐसी कोई समस्या है भी, तो मुझे नहीं लगता कि संगीत में कोई सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक पहलू है."
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Source: IOCL



























