गिरिराज सिंह ने आतंकी कसाब से की उमर खालिद-शरजील इमाम की तुलना, कहा- 'जो काम...'
Giriraj Singh on Umar Khalid: 2020 के दिल्ली दंगे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है. गिरिराज सिंह ने फैसले का समर्थन करते हुए तीखा बयान दिया.

दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उमर खालिद की तुलना आतंकी कसाब से की और कहा कि जो काम कसाब ने किया, वही काम उमर खालिद और शरजील इमाम कर रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा," जो काम कसाब ने किया, वही काम उमर खालिद कर रहे हैं. जो बातें और गतिविधियां पाकिस्तान करता है, वही उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग कर रहे हैं. देश के खिलाफ माहौल बनाना भी एक तरह का आतंकी कृत्य है. ऐसे लोगों को कसाब से भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए".
Patna, Bihar: On the Supreme Court denying the bail pleas of Umar Khalid and Sharjeel Imam in the Delhi riots case, Union Minister Giriraj Singh says, "I welcome the decision of the Supreme Court... They were doing the same work that Pakistan does and similar to what Kasab was… pic.twitter.com/A6Olgar8ID
— IANS (@ians_india) January 5, 2026
जानें अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यूएपीए जैसे कठोर कानूनों में जमानत का नियम सामान्य मामलों से अलग होता है. कोर्ट ने धारा 43D(5) का हवाला देते हुए कहा कि जमानत पर विचार करते समय यह देखा जाता है कि अभियोजन पक्ष की सामग्री से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 'आतंकी कृत्य' केवल हिंसा तक सीमित नहीं हैं. बल्कि देश की व्यवस्था, आवश्यक सेवाओं और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश भी इसके दायरे में आती है.
दिल्ली दंगों में खालिद पर लगे थे भड़काऊ भाषण के आरोप
उमर खालिद और शरजील इमाम पर आरोप है कि उन्होंने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान भड़काऊ भाषण दिए, साजिश रची और हिंसा फैलाने में भूमिका निभाई. जांच एजेंसियों का दावा है कि इन गतिविधियों से देश की एकता और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. इस मामले में अन्य पांच आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं मिली.
फैसले पर बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी संतोष जताया और कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल में देरी एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन जमानत पर फैसला करते समय अदालत को कानून के दायरे में रहकर ही निर्णय लेना होता है.
ये भी पढ़िए- 'राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा', कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी पर दिलीप जायसवाल ने उठाए सवाल
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























