दिल्ली सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर लगाया बैन, मध्य प्रदेश में 20 बच्चों की हुई थी मौत
Coldrif Syrup Ban: दिल्ली सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप पर बैन लगा दिया है. जांच में इसमें डाइएथिलीन ग्लाइकोल नामक हानिकारक तत्व पाया गया है जो गुर्दे, लीवर और तंत्रिका तंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

दिल्ली सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. दिल्ली सरकार का ये फैसला मध्य प्रदेश में इस सिरप के कारण 20 बच्चों के मौत के बाद आया है. ड्रग्स टेस्टिंग लैब मध्य प्रदेश की रिपोर्ट में इस सिरप में खतरनाक रासायनिक तत्व डाइएथिलीन ग्लाइकोल (46.28% w/v) पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह है.
रिपोर्ट में इसे मानक गुणवत्ता से बाहर (Not of Standard Quality) घोषित किया गया है. सरकार ने जनता से अपील की है कि वे इस दवा का प्रयोग तुरंत बंद करें और इसे बाजार से खरीदने या बेचने से परहेज करें.
गुर्दे, लीवर और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाले तत्व मिले
दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने 10 अक्टूबर, 2025 को एक आदेश जारी किया, जिसमें कोल्ड्रिफ सिरप को असुरक्षित बताते हुए इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के मुताबिक यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले स्थित स्रेसन फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर कंपनी द्वारा बनाया गया था.
मध्य प्रदेश के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की सरकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट संख्या 68N (दिनांक 4 अक्टूबर 2025) में इस सिरप के बैच नंबर SR-13 में मानक से अधिक डाइएथिलीन ग्लाइकोल पाया गया. यह रासायनिक पदार्थ गुर्दे, लीवर और तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.
इस तत्व से सिरफ बना जहरीला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस सिरप का निर्माण मई 2025 में किया गया था और इसकी एक्सपायरी अप्रैल 2027 तक की है. इसमें पैरासिटामोल, फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड और क्लोरफेनिरामाइन मेलीएट जैसे घटक मौजूद हैं, लेकिन डाइएथिलीन ग्लाइकोल की अत्यधिक मात्रा ने इसे जहरीला बना दिया है. इसी कारण सरकार ने इस दवा को अस्वीकृत कर दिया है और इसे न इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी है.
औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी दवा विक्रेताओं, वितरकों और अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री, खरीद और वितरण तुरंत रोक दें. विभाग ने आम जनता को भी आगाह किया है कि वे किसी भी स्थिति में इस सिरप का सेवन न करें. सरकार ने कहा है कि यह कदम जनहित में उठाया गया है और सभी हितधारकों से इसके सख्त पालन और व्यापक प्रचार की अपील की गई है.
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Source: IOCL


























