निशांत कुमार के भविष्य को लेकर JDU नेता ने कर दिया बड़ा दावा, कौन संभालेगा नीतीश की विरासत?
Nishant Kumar News: जदयू ने पार्टी के उत्ताधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी है. संजय झा ने दावा किया है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जेडीयू की कमान संभालेंगे.

जनता दल यूनाइटेड (JDU) में निशांत कुमार ही नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी होंगे. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सोमवार (22 जून) को बताया कि निशांत कुमार आगे पार्टी का नेतृत्व करेंगे और वही इस पार्टी के भविष्य हैं. इससे पहले, जदयू की राष्ट्रीय परिषद ने रविवार (21 जून) को नीतीश कुमार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई. नीतीश कुमार को इस साल मार्च में हुए संगठनात्मक चुनावों में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था.
संजय कुमार झा ने कहा, 'नीतीश कुमार पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हो चुके थे, राष्ट्रीय परिषद में इसका अनुमोदन किया गया'. निशांत कुमार को लेकर उन्होंने कहा, 'निशांत कुमार, जो पार्टी में शामिल हुए हैं, वही आगे पार्टी का नेतृत्व करेंगे और वही इस पार्टी के भविष्य हैं. निशांत कुमार अभी सरकार में काम कर रहे हैं और आगे संगठन में भी काम करेंगे'.
बैठक में पार्टी के तमाम दिग्गज रहे मौजूद
बैठक में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और मंत्री निशांत कुमार उपस्थित थे. अशोक चौधरी ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया, जिसका मंत्री शीला मंडल ने समर्थन किया. वहीं श्रवण कुमार ने बैठक में धन्यवाद प्रस्ताव रखा.
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प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद का बयान
पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के मुताबिक, राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्वाचन का अनुमोदन किया गया. प्रस्ताव में कहा गया कि मुख्यमंत्री पद छोड़कर सहर्ष सत्ता हस्तांतरण का निर्णय लेकर नीतीश कुमार ने राजनीतिक शुचिता, विश्वास और सहयोग का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है.
बिहार विधानसभा चुनाव में 85 सीटों पर जीत का दावा
प्रस्ताव में दावा किया गया कि साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 85 सीटों पर जीत हासिल की, जो पार्टी के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इसमें अति पिछड़ा, पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों को व्यापक प्रतिनिधित्व दिए जाने का उल्लेख किया गया.

























