डिप्टी CM क्यों नहीं बने निशांत? सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार के बेटे ने कहा- 'पिताजी के…'
Nitish Kumar Son Nishant Kumar: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार गुरुवार को पार्टी दफ्तर पहुंचे थे. यहीं उनसे मीडिया ने सवाल किया. निशांत सीधा जवाब देने से बचते नजर आए.

नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) को लेकर चर्चा थी कि वे नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनेंगे. हालांकि ऐसा नहीं हुआ. अब जब बिहार में नई सरकार का गठन हो गया है तो नीतीश के बेटे निशांत की प्रतिक्रिया आई है. गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) की सुबह निशांत जेडीयू दफ्तर पहुंचे तो यहां मीडिया ने उनसे सवाल किया.
पत्रकारों ने पूछा कि जनता चाह रही है कि आप जेडीयू में शामिल हुए हैं तो पार्टी भी संभालिए. आप डिप्टी सीएम क्यों नहीं बनना चाहते हैं? सवालों को सुनकर निशांत सीधा बयान देने से बचते नजर आए. उन्होंने अपनी पुरानी बातों को ही मीडिया के सामने फिर से दोहराया.
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निशांत ने कहा, "सम्राट जी बिहार को विकास की नई राह दिखाएंगे. उनके नेतृत्व में एनडीए की सरकार है. उनके नेतृत्व में काम करेंगे. मेरे पिता नीतीश कुमार जी का मार्गदर्शन रहेगा."
Patna, Bihar: JD(U) leader Nishant Kumar says, "The government of Bihar is under the leadership of Samrat Choudhary. My father, Nitish Kumar, will continue to guide the path... I will strengthen the party and work towards fulfilling my father’s unfinished dreams..." pic.twitter.com/j1lsUX4rjF
— IANS (@ians_india) April 16, 2026
आगे कहा, "जेडीयू को मजबूत करने की कोशिश करूंगा. पिताजी ने जो 20 साल में किया है उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा. पिताजी के जो अधूरे सपने हैं उनको पूरा करने की कोशिश करूंगा. जनता का विश्वास-आशीर्वाद बना रहे."
इतना कहते हुए निशांत पार्टी कार्यालय चले गए. इस दौरान उनके समर्थक 'निशांत बाबू जिंदाबाद', 'हमारा नेता कैसा हो निशांत भैया जैसा हो', का नारा लगाते नजर आए.
शपथ ग्रहण में भी नहीं पहुंचे थे निशांत
बता दें कि बीते बुधवार (15 अप्रैल) को सम्राट चौधरी ने सीएम के तौर पर जबकि जेडीयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इस शपथ ग्रहण समारोह में भी निशांत कुमार नहीं पहुंचे थे. हालांकि नीतीश कुमार पहुंचे थे.
इस तरह के कार्यक्रम से दूर होना और सरकार में शामिल नहीं होने के पीछे कारण जो भी लेकिन निशांत पार्टी के लिए जरूर एक्टिव हैं. वे पार्टी से जुड़े नेताओं-कार्यकर्ताओं से लगातार मिल रहे हैं. पार्टी दफ्तर भी जा रहे हैं. अब तक के अनुसार उनका एक ही मकसद नजर आ रहा है कि वे पार्टी और संगठन को मजूबत करना चाहते हैं. यह बात वो बार-बार अपने बयान में कह रहे हैं.
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Source: IOCL




























