Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर RJD की प्रतिक्रिया, पार्टी नेता ने कहा- 'सरकार की…'
Women Reservation Bill: आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि महिला आरक्षण बिल का कोई विरोध नहीं कर रहा है. विपक्ष महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आगे बढ़ाना चाह रहा है.

केंद्र सरकार ने साल 2029 तक महिला आरक्षण (Women Reservation Bill) को लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन विधेयकों को गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया है. इस बीच बयानबाजी भी तेज है. विपक्षी दल के नेताओं का विरोध जारी है. आरजेडी ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया है.
महिला आरक्षण बिल पर आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "विपक्ष सही कह रहा है. सरकार की मंशा गलत है. सरकार की नीयत में खोट है. महिला आरक्षण बिल का कोई विरोध नहीं कर रहा है. महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष चाह रहा है."
#WATCH दिल्ली: महिला आरक्षण बिल पर RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "विपक्ष सही कह रहा है। सरकार की मंशा गलत है। सरकार की नीयत में खोंट है। महिला आरक्षण बिल का कोई विरोध नहीं कर रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष चाह रहा है। विपक्ष की बात सुननी… pic.twitter.com/DrApvmWm2t
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 16, 2026
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कई राज्यों को होगा नुकसान: मृत्युंजय तिवारी
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि आम सहमति से विपक्ष की बात को सुनना चाहिए. इसके बाद ही सरकार को इस तरह के फैसले लेने चाहिए. क्योंकि जिस तरह 2011 की गणना के अनुसार यह किया जा रहा है ये गलत है. इसका विरोध हो रहा है. कई राज्यों को इसका नुकसान होगा. ये सरकार की मनमानी है.
राहुल गांधी के एक बयान का आरजेडी नेता ने समर्थन किया. कहा कि केंद्र में बैठी सरकार हर चीज को वोट के नजरिए से देखती है और कैसे सत्ता उनके पास सुरक्षित रहे इसके जुगाड़ में रहती है. विपक्ष ये नहीं होने देगा. उन्होंने कहा कि साउथ में इसका विरोध हो रहा है. सदन में भले विपक्ष को उतनी सीट नहीं है, लेकिन जितनी सीटें हैं और कई एनडीए के सहयोगी दल भी हैं वो भी इसके खिलाफ होंगे.
उधर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर कहा, "...प्रधानमंत्री ये चाहते हैं कि 2029 के चुनाव में इसे लागू किया जाए. महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में ये बहुत बड़ा कदम है. इस देश में महिलाओं की 50% की आबादी है और यदि उस 50% की आबादी को न्याय देने का प्रयास किया जा रहा है तो उसका विरोध नहीं होना चाहिए. हम विपक्ष से आग्रह करेंगे कि विपक्ष सर्वसम्मति से इस बिल को पास करे."
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Source: IOCL



























