राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो प्रशांत किशोर बोले- 'देश में…'
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का कहना है कि जो आंदोलन चल रहा है अब वह खत्म होने वाला नहीं है. प्रशांत किशोर सोमवार को मोतिहारी में थे. पढ़िए उन्होंने क्या कुछ कहा है.

इंडिया गठबंधन की ओर से सोमवार (12 अक्टूबर, 2026) को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया गया. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे तो सीजेआई सूर्यकांत से मिलकर ज्ञापन भी सौंपना चाहते थे लेकिन मुलाकात करने से सीजेआई ने मना कर दिया. इस पर प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया आई है.
मीडिया से प्रशांत किशोर ने कहा कि कौन मिलने का समय दे रहा है कौन नहीं दे रहा ये महत्वपूर्ण नहीं है. महत्वपूर्ण ये है कि देश में एक बहुत बड़ा वर्ग जो वर्तमान के चुनावी प्रकिया से सहमत नहीं है वह आंदोलन कर रहा है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक से परेशान छात्र आंदोलन कर रहे हैं. बेरोजगारी से परेशान युवा आंदोलन कर रहे हैं. जब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी तब तक यह आंदोलन किसी-न-किसी नेता, बैनर और झंडा के नेतृत्व में चलता ही रहेगा.
पीके ने कहा, "यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है. यह आंदोलन राहुल गांधी समेत कोई भी चाहेगा वह नहीं रुकेगा… लोग अपनी समस्याओं से इतने परेशान हैं कि सड़क पर डंडा खाने को तैयार हैं."
सीजेआई ने क्यों नहीं की मुलाकात?
बता दें कि सोमवार को सीजेआई सूर्यकांत ने मीडिया से कहा कि विपक्षी नेताओं की ओर से उठाए गए मुद्दे अदालत में विचाराधीन हैं, ऐसे में उनके साथ मुलाकात करना पूर्व स्थापित नैतिक मानदंडों और न्यायिक मर्यादा के खिलाफ होगा.
उन्होंने दोनों (खरगे और राहुल गांधी) नेताओं से आग्रह किया कि वे अपनी याचिका अदालत में जाकर या ऑनलाइन दाखिल करें. इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (12 अक्टूबर) को याचिका दाखिल की. इस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.
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मोतिहारी में मीडिया से बात कर रहे थे पीके
प्रशांत किशोर ने उक्त बयान सोमवार को मोतिहारी में दिया. वे मीडिया से बात कर रहे थे. जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर बिहार एमएलसी चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी आफाक अहमद के पक्ष में शिक्षकों से संवाद करने के लिए मोतिहारी पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को 7वां वेतनमान दिलाने का भरोसा दिया.
पीके ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर ने यह ठान लिया है कि सभी शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले सातवां वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान देने और शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से दूर रखने का कार्य वह करेंगे. पीके ने शिक्षकों से जात-पात से ऊपर उठकर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद को वोट करने की अपील की.
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