तहरा राजा जी के दिलवा टूट जाई…! पवन सिंह को BJP बिहार से नहीं भेजेगी राज्यसभा, आगे कौन सा रास्ता?
Pawan Singh News: पवन सिंह ने पिछले महीने (फरवरी) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में मुलाकात की थी. राज्यसभा के सवाल पर कहा था, "मैं भाई हूं, जो मालिक चाहेंगे वही न होगा."

भोजपुरी के पावरस्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को पार्टी बिहार से राज्यसभा नहीं भेजेगी. मंगलवार (03 मार्च, 2026) को बीजेपी की पहली लिस्ट जारी हुई जिसमें पवन सिंह का नाम बिहार से नहीं था. सूची में दो नाम नितिन नवीन और शिवेश राम का था. इन दो के अलावा आगे चर्चा है कि उपेंद्र कुशवाहा को बीजेपी एक सीट पर उतारेगी. क्योंकि बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं और दो पर जेडीयू अपना प्रत्याशी देगी. ऐसे में पवन सिंह के लिए उनका ही गीत फिट बैठ रहा है, 'तहरा राजा जी के दिलवा टूट जाई…'
पहले यह समझ लीजिए कि पवन सिंह के नाम की चर्चा काफी दिनों से हो रही थी कि उन्हें पार्टी राज्यसभा भेज सकती है. पवन सिंह ने पिछले महीने (फरवरी) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में मुलाकात की थी. उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात करार दिया था. क्या बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेजेगी, इस सवाल पर उन्होंने जवाब दिया था, "मैं भाई हूं, जो मालिक चाहेंगे वही न होगा."
पवन सिंह के पास अब भी मौका?
पवन सिंह के इस बयान से यह साफ लग रहा है कि वह खुद भी कहीं न कहीं राज्यसभा जाने की इच्छा रखते हैं. क्योंकि सीधे तौर पर उन्होंने यह बयान नहीं दिया था कि उन्हें राज्यसभा नहीं जाना है. हालांकि पवन सिंह के पास अब भी मौका है. पार्टी चाहे तो उन्हें किसी दूसरे राज्य से राज्यसभा भेज सकती है. क्योंकि मंगलवार को पार्टी की ओर से पहली लिस्ट जारी हुई है. 37 सीटों पर चुनाव होना है. पहली लिस्ट के बाद 28 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा बाकी है. ऐसे में अन्य लिस्ट के आने का इंतजार करना होगा.
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लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिया था मौका
बता दें कि पवन सिंह को 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने टिकट दिया था. उन्हें बंगाल से मौका दिया गया था, लेकिन उनके गाने के चलते विवाद इतना बढ़ा कि उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से मन कर दिया था. बीजेपी से उनकी अनबन तक हो गई थी. ऐसे में उन्होंने बगावती तेवर दिखाते हुए काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ लिया था. यहां से उपेंद्र कुशवाहा मैदान में थे. इन दोनों की हार हो गई थी. फायदा तीसरे का हो गया था. बाद में रिश्तों में सुधार हुआ तो फिर से पवन सिंह बीजेपी के करीब आ गए. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने जमकर पार्टी के लिए प्रचार-प्रसार किया था. अब देखना होगा कि राज्यसभा को लेकर आगे क्या कुछ होता है.
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Source: IOCL
























