बिहार में 25 नई चीनी मिलें खुलेंगी, संजय पासवान का बड़ा ऐलान, गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
Bihar News: संजय पासवान ने ऐलान किया कि बिहार में नौ बंद चीनी मिलें फिर शुरू होंगी. साथ ही 25 नई मिलें स्थापित होंगी. इससे किसानों को लाभ, रोजगार बढ़ेगा और गन्ना उद्योग को नई मजबूती मिलेगी.

बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान (एलजेपी-आर) ने ऐलान किया है कि बिहार में कई वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू किया जाएगा. साथ ही नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य की नौ चीनी मिलें लंबे समय से बंद हैं, जिनके जीर्णोद्धार (रिनोवेशन) का निर्णय सात निश्चय-3 योजना के तहत लिया गया है.
इसके साथ ही बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए भी सरकार स्तर पर पहल शुरू कर दी गई है. मंत्री ने कहा कि इस फैसले से न सिर्फ गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सरकार का लक्ष्य है कि गन्ना उद्योग को फिर से बिहार की आर्थिक रीढ़ बनाया जाए और किसानों को स्थायी आय का मजबूत आधार दिया जाए.
चीनी मिल के लिए जिलाधिकारियों को दिए जमीन तलाशने के निर्देश
गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान के अनुसार, बिहार में 10 चीनी मिलें उत्पादन कर रही हैं. पांच वर्ष के अंदर सभी नई चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य है. एक चीनी मिल के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि चाहिए. जिलों के जिलाधिकारियों को जमीन तलाशने के निर्देश दे दिए गए हैं. मोतीपुर, बिहटा, मढ़ौरा, सासामूसा इत्यादि में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने का खाका तैयार कर लिया गया है. इन मिलों के संचालन में आने वाली बिजली खरीद और तकनीकी बाधाओं को सुलझाया जाएगा.
नई मिलों की स्थापना के लिए मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पटना, पूर्णिया, बेतिया और मोतिहारी जैसे प्रमुख जिलों के साथ-साथ राज्य के कुल 25 जिलों का चयन किया गया है. रैयाम, सकरी में सहकारिता विभाग के जरिए काम शुरू होगा. DPR बनाने की मंजूरी भी मिल चुकी है.
बिहार के लोगों को अपने ही राज्य में मिलेगा रोजगार
मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार राज्य में अधिक से अधिक रोजगार सृजन करने का निर्णय लिया है. ताकि बिहार के लोगों को अपने राज्य में ही रोजगार उपलब्ध हो सके. इस पैसे से किसानों की आय भी दुगुनी होगी. राज्य में कार्यरत चीनी मिलों के माध्यम से पेराई सत्र 2025-26 में किसानों से 427.14 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई है, जिसमें किसानों को भुगतेय राशि 1589 करोड़ 69 लाख रुपए के विरुद्ध 1395 करोड़ 38 रुपये का भुगतान कर दिया गया है.
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