बिहार: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में बड़ा मोड़, मामले में CBI जांच की उठी मांग
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने तूल पकड़ ली है. इस बीच मामले में सीबीआई जांच की मांग उठ गई है.

बिहार में के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सियासत तेज हो गई है. इस मामले को लेकर अब सीबीआई जांच की मांग की जा रही है. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग की है.
हाजी परवेज सिद्दीकी ने बताया कि उनके द्वारा की गई शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय एवं गृह मंत्रालय द्वारा प्राप्त कर ली गई है तथा मामला संबंधित प्रक्रियाओं के अंतर्गत विचाराधीन है. बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर इलाके में आक्रोश फैला हुआ है.
परवेज सिद्दीकी ने शिकायती पत्र में क्या कहा?
अपने शिकायत पत्र में हाजी परवेज सिद्दीकी ने कहा है कि भोजपुर जिले के बिलौती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु को लेकर बिहार के विभिन्न हिस्सों में व्यापक जनचर्चा, सामाजिक चिंता और गंभीर सवाल उठ रहे हैं. किसी भी नागरिक की मुठभेड़ में हुई मृत्यु केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं होती, बल्कि यह कानून के शासन, न्याय व्यवस्था और जनता के विश्वास से जुड़ा विषय बन जाती है.
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच न केवल न्याय के लिए आवश्यक है बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए भी महत्वपूर्ण है. इस मामले से संबंधित सभी पहलुओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार के संदेह, विवाद और भ्रम का स्थायी समाधान हो सके.
उन्होंने कहा कि जब किसी घटना को लेकर समाज में व्यापक स्तर पर प्रश्न उठ रहे हों, तब सत्य को सामने लाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी बन जाती है. निष्पक्ष जांच से न केवल वास्तविक तथ्य सामने आएंगे बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा.
भरत तिवारी के केस में महागठबंधन पर क्यों भड़कीं BJP विधायक मैथिली ठाकुर? 'मेरी फोटो…'
सरकार ने मामले पर तेज की जांच
बिहार सरकार ने भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की जांच तेज कर दी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक और न्यायिक दोनों तंत्रों का उपयोग किया जा रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने कहा कि विस्तृत जांच की जिम्मेदारी शाहबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) को सौंपी गई है.
एडीजी के अनुसार, मुठभेड़ से संबंधित परिस्थितियों की जांच के लिए आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग किया जा रहा है.जांच में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) विश्लेषण, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच, भौतिक साक्ष्यों का संग्रह और सत्यापन, और उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य सामग्रियों की जांच शामिल है.पुलिस मुख्यालय जांच की प्रगति पर लगातार नजर रख रहा है.
भरत तिवारी की मां ने बताया कौन है एनकाउंटर का जिम्मेदार, भाई बोला- 'मेरी मांग है कि…'

























