भोजपुर में वार्ड सदस्य की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में हुई घटना
Bihar News In Hindi: भोजपुर में जमीन विवाद पर दो पक्षों के बीच हुए झगड़े में एक वार्ड सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने उन्हें घेरने के बाद लाठी-डंडों से मारपीट की.

बिहार के भोजपुर जिले के चौरी थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव में शुक्रवार (14 अगस्त) की सुबह जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक वार्ड सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना में मृतक के दो चचेरे भतीजे भी लाठी-डंडों की मारपीट में घायल हो गए. मृतक की पहचान भीखमपुर गांव निवासी गांधी सिंह के पुत्र अशोक सिंह (35) के रूप में हुई है. वह अगिआंव प्रखंड की डिलिया पंचायत के वार्ड नंबर 11 के वार्ड सदस्य थे.
बताया जाता है कि गांव में करीब छह महीने से दो पक्षों के बीच दो डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद को लेकर शुक्रवार सुबह समझौता कराने और मामले को सुलझाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए. इसी बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि दूसरे पक्ष के छह-सात लोगों ने अशोक सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों को घेर लिया.
पीपल के पेड़ के पास घेरने के बाद चाचा को करीब से मारी गोली
जख्मी कृष्ण सिंह के अनुसार, वह अपने चचेरे चाचा अशोक सिंह और सगे भाई बलिराम सिंह के साथ बाइक से घर लौट रहे थे. गांव में पीपल के पेड़ के पास उन्हें घेर लिया गया. आरोप है कि पहले लाठी-डंडों से मारपीट की गई और बीच-बचाव करने पहुंचे अशोक सिंह को काफी करीब से बाएं कंधे के पास गोली मार दी गई. गोली लगने के बाद अशोक गंभीर रूप से घायल हो गए.
परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं, मारपीट में कृष्ण सिंह और बलिराम सिंह भी घायल हो गए, जिनका इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही चौरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है.
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जमीनी विवाद पर लगाया हत्या और लाठी-डंडों से मारने का आरोप
जख्मी कृष्ण सिंह ने गांव के ही सुमन सिंह, भानु सिंह समेत अन्य लोगों पर जमीन विवाद को लेकर अशोक सिंह की हत्या करने और उन्हें तथा उनके भाई बलिराम सिंह को लाठी-डंडों से पीटकर घायल करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जमीन पर निर्माण को लेकर पहले भी विवाद हुआ था और मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर नापी कराने की बात कही जा रही थी.
बताया जाता है कि अशोक सिंह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे. उनके परिवार में पत्नी सीता देवी, दो पुत्र राजा और बाबूधन तथा एक पुत्री रानी है. वार्ड सदस्य की हत्या के बाद उनके घर में कोहराम मचा है. पत्नी समेत परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस पूरे मामले में आरोपों की जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है.
विभाजन दिवस पर मंत्री सह चंपारण सहित कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को बेतिया के शहीद पार्क में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री सह पश्चिम चंपारण के जिला प्रभारी मंत्री लखींद्र पासवान मुख्य रूप से मौजूद रहे. उनके साथ बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल, विधायक रेणु देवी सहित बीजेपी के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे.
कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और अपने जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई. नेताओं ने विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए कहा कि यह दिवस उन पीड़ित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है. बता दें कि देशभर में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है. इसी कड़ी में बेतिया के शहीद पार्क में भी कार्यक्रम आयोजित कर विभाजन की पीड़ा को याद किया गया और आने वाली पीढ़ियों को उस दौर के इतिहास से अवगत कराने का संदेश दिया गया.
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