पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को भेजा नोटिस, ऐसा क्या हुआ?
Patna News: पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को नोटिस भेजा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पटना मेयर सीता साहु समेत करीब 27000 लोगों को नोटिस भेजा गया है. ये नोटिस ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों को भेजा गया है.

पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को नोटिस भेजा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पटना मेयर सीता साहु समेत करीब 27000 लोगों को नोटिस भेजा गया है. ये नोटिस ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों को भेजा जा रहा है जो आवासीय मकानों को बिना अनुमति के गैर आवासीय उपयोग कर रहे हैं या यूं कहें कि व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं. 25 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश जारी किया था, उसी का हवाला इस नोटिस में दिया गया है.
कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही नगर निगम ऐसे आवासीय प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है, जो कागजों पर तो आवासीय हैं, लेकिन जमीन पर उनका इस्तेमाल कमर्शियल/गैर-आवासीय काम के लिए हो रहा है. इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट निगरानी कर रहा है. कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने वार्ड वार सर्वे कराया और सर्वे के बाद ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस भेजकर आवासीय क्षेत्र के उपयोग को लेकर जवाब मांगा है.
नितिन नवीन की नई टीम पर जन सुराज ने उठाए सवाल, कहां हो गई गड़बड़?
मेयर सहित 27,000 लोगों को नोटिस
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए अजीमाबाद अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने पटना मेयर सीता साहू समेत करीब 27,000 लोगों को नोटिस भेज दिया है. चिह्नित स्थलों के भू-स्वामियों, निर्माताओं और गैर-आवासीय उपयोगकर्ता को भेजे नोटिस के बाद उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए 24 घंटों का समय दिया गया है. जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है उनमें पटना के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं.
इसी के तहत पटना की मेयर सीता साहू को भी नोटिस भेजा गया है. इसके अलावा नगर निगम ने बड़ी पटनदेवी, महाराजगंज निवासी महापौर के साथ उनके दोनों बेटों शिशिर कुमार और सुशांत कुमार को भी नोटिस भेजा है. हालांकि, शिशिर कुमार का कहना है कि संबंधित परिसर का इस्तेमाल आवासीय रूप में ही हो रहा है.
जवाब न देने पर होगा एक्शन
पदाधिकारी ने जिन्हें भी नोटिस भेजा है, उन्हें 24 घंटे के अंदर गैर-आवासीय उपयोग से संबंधित दस्तावेज, स्वीकृत नक्शा और उसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी देने के लिए कहा है. इसमें पूछा गया है कि आखिर आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय उपयोग क्यों किया जा रहा है.
इसके साथ ही नगर निगम ने कहा है कि समय पर जवाब न देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नोटिस में कहा गया है कि यदि संबंधित पक्ष आवश्यक जवाब दाखिल नहीं कर पाता है तो ये मान लिया जाएगा कि उनके पास अपने पक्ष में कुछ नहीं है और नगर निगम उस गैर-आवासीय उपयोग को अवैध मानते हुए सील की कार्रवाई कर सकता है.
BJP की टीम से बाहर होने पर संजय मयूख बोले, 'संगठन की यह...'






















