IND vs ENG First Test: इंग्लैंड मैच जीता लेकिन सबका दिल इन्होंने जीता, सबने एकसाथ बजाई ताली? जानिए कौन हैं ये महिला
लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की हार और इंग्लैंड की जीत के बीच तारीफें बटोरीं उस महिला ने जो मैदान के पीछे,पिच के बीच,और क्रिकेट की असली तैयारी में जुटी रही.आइए जानते हैं कौन है ये महिला और इनके बारे में

IND vs ENG First Test : लीड्स के हेडिंग्ले में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया पहला टेस्ट रोमांच, संतुलन और संघर्ष से भरपूर रहा. पांच दिन तक चले इस मुकाबले में कुल 1671 रन बने, 35 विकेट गिरे, और 15 सेशन तक दोनों टीमों के पास जीतने के बराबर मौके बने रहे. अंत में इंग्लैंड ने 5 विकेट से मुकाबला जरूर जीत लिया, लेकिन असली तारीफें बटोरीं उस महिला ने जो इस मैच को सफलापूर्वक करवाने की असली तैयारी में जुटी रही. यह महिला हैं हेडिंग्ले की पिच तैयार करने वाली जैस्मिन निकोल्स.
कौन हैं जैस्मिन निकोल्स?
28 वर्ष की जैस्मिन निकोल्स इंग्लैंड के यॉर्कशायर स्थित हेडिंग्ले मैदान की पहली महिला ग्राउंड स्टाफ हैं, जो मुख्य ग्राउंडसमैन रिचर्ड रॉबिंसन की टीम में शामिल हैं. पिच तैयार करने वाली इस फील्ड में कदम रखना उनके लिए बिलकुल आसान नहीं था. कोविड से पहले वह इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ी हुई थीं, लेकिन कोविड की महामारी के बाद जब बड़े आयोजनों पर रोक लगी, तो रिचर्ड की सलाह पर उन्होंने ग्राउंड स्टाफ के रूप में अपने करियर की शुरुआत की.
5 दिन की मुकाबला और शानदार पिच
लीड्स टेस्ट में पिच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 471 और दूसरी में 364 रन बनाए. इंग्लैंड ने जवाब में पहली पारी में 464 और दूसरी में 373 रन बनाकर यह मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया. इतने रन, इतने विकेट और खेल का ऐसा संतुलन इस बात का सबूत है कि लीड्स की पिच कितनी बेहतरीन रही. मुकाबलें के दौरान पिच में ना बहुत ज्यादा उछाल था और ना ही बल्लेबाजी या गेंदबाजी को कोई एकतरफा फायदा देखने को मिला. बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बराबरी का मौका मिला.जिसके चलते हर कोई जैस्मिन की तारीफ कर रहा है.
महिला ग्राउंड स्टाफ के लिए बनी प्रेरणा
जैस्मिन लीड्स के बाहर बर्मिंघम में भी फेमस हैं. वह सिर्फ हेडिंग्ले में ही नहीं, बल्कि बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेले गए महिला एशेज मुकाबले की पिच तैयार करने वाली टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने छोटे क्लबों में काम करते हुए पिच तैयार करने की बारीकियाँ सीखी और अब वो इस फील्ड में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं. जहां इंग्लैंड में जैस्मिन जैसी कई महिलाएं अब ग्राउंड स्टाफ में शामिल हो रही हैं और बतौर पिच क्यूरेटर काम कर रही हैं.
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