एक्सप्लोरर
Year Ender : साल 2016 में इन फर्जी खबरों ने बटोरीं खूब सुर्खियां!
1/11

पीएम मोदी की नोटबंदी की घोषणा के बाद नोटबंदी से जुड़ी खबरें हों या नमक की कमी की अफवाहें को लोगों ने सच माना. साल 2016 में देशभर ऐसी कई और फर्जी खबरों को लेकर भी खूब चर्चा हुई. इस तरह की अफवाहें फैलाने में सोशल मीडिया का योगदान सबसे ज्यादा रहा. वहीं कुछ देश की मुख्यधारा की मीडिया भी इन फर्जी खबरों के झांसे में आ गई. कई खबरों की प्रभाव इतना अधिक रहा कि यूनेस्को और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जैसी ऑफिशियल संस्थाओं को इनके खंडन के लिए सामने आना पड़ा.
2/11

बीबीसी इंडिया के पूर्व ब्यूरो चीफ और जाने-माने पत्रकार मार्क टुली के हवाले से एक फर्जी खबर फैली कि टुली ने मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति समर्थन जताते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर बरगद के किसी वृक्ष की तरह सरकारी संस्थानों को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाया. टुली ने हालांकि समाचार-पत्र हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित होने वाले अपने स्तंभ के जरिए इसका खंडन किया.
Published at :
और देखें



























