एक्सप्लोरर

गंगा एक्सप्रेसवे: आलू से आंवला तक...यूपी के वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प पथ

भारत की सभ्यता का इतिहास गंगा के किनारे पुष्पित और पल्लवित हुआ है. जहां-जहां यह पवित्र नदी पहुँची वहां-वहां जीवन पल्लवित हुआ, संस्कृति फली-फूली और सत्ता और समृद्धि के केंद्र बने. सदियों बाद, उसी गंगा माँ के समानांतर अब एक नई गाथा लिखी जा रही है, कंक्रीट और इस्पात की, विकास और संभावनाओं की. उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे अब केवल एक सड़क नहीं रहा, यह एक सपने की मूर्त अभिव्यक्ति है.

उस सपने की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़मीन पर उतारा. मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह 594 किलोमीटर लंबा राजमार्ग महज़ दूरियां कम नहीं करेगा, यह उन करोड़ों जिंदगियों के भाग्य को भी बदलेगा जो इसके दोनों किनारों पर बसी हुई हैं. यह एक्सप्रेसवे योगी सरकार के उस महत्वाकांक्षी रोडमैप की धुरी है जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लेकर चलता है.

यह सभी महसूस करते होंगे कि उत्तर प्रदेश के साथ ऐतिहासिक अन्याय हुआ है. जिस प्रदेश की जनसंख्या कई यूरोपीय देशों से अधिक है, जिसकी सांस्कृतिक विरासत अतुलनीय है, उसे दशकों तक 'बीमारू' कहकर नकारा गया. पूर्ववर्ती सरकारों ने वोट की राजनीति तो की, लेकिन विकास की नींव नहीं रखी. जो उत्तर प्रदेश कभी पलायन, अराजकता, अपराध और अवसरहीनता का पर्याय बन गया था, वही आज निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन रहा है.

गंगा एक्सप्रेसवे उसी परिवर्तन की सबसे बड़ी और सबसे दृश्यमान अभिव्यक्ति है. इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे जुड़े हर जिले अपनी स्थानीय विशेषताओं को उद्योग और बाज़ार से जोड़ सकेंगे. यह हर जिले की अपनी पहचान को उसकी आर्थिक शक्ति में बदलने का एक सुविचारित और सुनियोजित खाका है. यही इस परियोजना की असली प्रतिभा है. 

मेरा मानना है कि इसकी विशिष्टता को आसानी से समझा जा सकता है. एक्सप्रेसवे का प्रारंभिक बिंदु मेरठ के बिजौली गांव से है, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़कर राष्ट्रीय राजधानी से सीमलेस कनेक्टिविटी प्रदान करता है. आगे हापुड़ में एक्सप्रेसवे गढ़मुक्तेश्वर यानी ब्रजघाट को सीधे जोड़ता है, जहां गंगा स्नान की सदियों पुरानी महिमा है. यहां विशेष इंटरचेंज विकसित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सहज हो.

साथ ही, आलू और अन्य फसलों के लिए प्रसिद्ध इस जिले में कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित हो रही हैं. धार्मिक पर्यटन और एग्रो प्रोसेसिंग का यह संगम हापुड़ को एक नई आर्थिक पहचान देगा. बुलंदशहर की ताकत उसकी रणनीतिक लोकेशन है. जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता इसे एक प्रमुख सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स हब में बदल रही है, जहां डेयरी आधारित उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे. अमरोहा की कहानी और भी प्रेरक है. यह जिला अपने पारंपरिक ढोलक और लकड़ी के हस्तशिल्प के लिए देशभर में जाना जाता है, लेकिन अब तक वैश्विक बाज़ार उसकी पहुंच से बाहर था. गंगा एक्सप्रेसवे इस दूरी को पाट देगा.

एक्सप्रेसवे का सबसे लंबा हिस्सा केंद्रीय और रणनीतिक बिंदु 

संभल, जो सीमित कनेक्टिविटी के कारण विकास की दौड़ में पीछे रह गया था, अपने प्रसिद्ध 'हॉर्न और बोन' क्राफ्ट को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने की स्थिति में है. स्थानीय कारीगरों को बेहतर दाम, स्थायी रोज़गार और वैश्विक पहचान मिलने का रास्ता खुल रहा है.

परंपरा से प्रगति की यह यात्रा ही गंगा एक्सप्रेसवे का असली चरित्र है. बदायूं में एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रही विशाल इंडस्ट्रियल टाउनशिप न केवल उद्योगों को, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी निजी निवेश को आकर्षित करेगी. शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी, जहां आवश्यकता पड़ने पर फाइटर जेट्स उतर सकते हैं, यह बताती है कि यह एक्सप्रेसवे केवल आर्थिक नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी सामरिक महत्व का है. हरदोई से गुज़रता एक्सप्रेसवे का सबसे लंबा हिस्सा इसे इस मेगा कॉरिडोर का केंद्रीय और रणनीतिक बिंदु बनाता है.

उन्नाव अब लखनऊ और कानपुर के साथ मिलकर एक ‘ट्राई-सिटी इकोनॉमिक मॉडल’ बन रहा है. कानपुर के विश्वप्रसिद्ध लेदर उद्योग के उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक तेज़ी से पहुंचेंगे, निर्यात बढ़ेगा और रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे.

प्रतापगढ़ का प्रसिद्ध आंवला अब वैश्विक बाज़ार की दहलीज़ पर खड़ा है और अंत में प्रयागराज, जहां एक्सप्रेसवे का जुदापुर डांडू गांव पर समापन होता है, आस्था, न्याय और वाणिज्य का वह त्रिवेणी संगम बनेगा जहां कुंभ और माघ मेले के करोड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ हाई कोर्ट और विश्वविद्यालयों से जुड़े लोगों का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आवागमन भी सहज और निर्बाध होगा.

नीति-विशेषज्ञ कहते हैं कि ‘बुनियादी ढाँचे में किया गया एक रुपये का निवेश अर्थव्यवस्था में पांच रुपये का लाभ लेकर आता है.’ गंगा एक्सप्रेसवे इस सिद्धांत का जीता जागता उदाहरण है. जब बाज़ार करीब आता है, किसान की उपज की कीमत बढ़ती है. जब लॉजिस्टिक्स सस्ता होता है, उद्योग लगते हैं. जब उद्योग लगते हैं, रोज़गार आता है और जब रोज़गार आता है, पलायन रुकता है. यह एक अखंड श्रृंखला है जिसकी हर कड़ी एक-दूसरे को मज़बूत करती है और यही योगी सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर के सपने की असली बुनियाद है.

लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे का सबसे गहरा और भावनात्मक आयाम धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में है. उत्तर प्रदेश भारत का वह प्रदेश है जहाँ आस्था की नदी सबसे गहरी बहती है. काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज ये तीनों तीर्थ भारतीय आत्मा के सबसे पवित्र केंद्र हैं. प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि से बने काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता और राम जन्मभूमि अयोध्या के पुनरुद्धार के बाद इन तीर्थों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है.

गंगा एक्सप्रेसवे इन महातीर्थों को एक सहज और सुगम धुरी में पिरो देगा. इस यात्रा पथ पर केवल बड़े तीर्थ ही नहीं हैं. चित्रकूट, जहाँ भगवान राम ने वनवास के चौदह में से ग्यारह वर्ष बिताए, और विंध्याचल, जहां मां विंध्यवासिनी का शक्तिपीठ स्थित है, ये दोनों धाम भी अब मुख्यधारा के तीर्थ सर्किट से जुड़ेंगे. इन धामों का पर्यटन राजस्व कई गुना बढ़ेगा. होटल, ढाबे, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, गाइड  पर्यटन की समृद्धि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है और यही 'सबका साथ, सबका विकास' का वास्तविक अर्थ है.

'पहले योजनाएं बनती थीं, फ़ाइलें चलती थीं, भ्रष्टाचार पलता था और...'

2025 के प्रयागराज महाकुम्भ ने सिद्ध कर दिया कि जब संसाधन और सुविधाएं हों तो श्रद्धालु दुनिया के कोने-कोने से आते हैं. मेरा मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे इस गति को स्थायित्व देगा. नीति आयोग के अनुमान के अनुसार भारत में धार्मिक पर्यटन का बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें सबसे बड़ा हिस्सेदार बनने की स्थिति में है. गंगा एक्सप्रेसवे इस संभावना को वास्तविकता में बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है.

पहले योजनाएं बनती थीं, फ़ाइलें चलती थीं, भ्रष्टाचार पलता था और उत्तर प्रदेश 'बीमारू' बना रहता था. आज परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, स्थानीय श्रमिकों और संसाधनों को प्राथमिकता दी जाती है और लाभ जनता तक पहुँचता है. गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में क्षेत्रीय संसाधनों का जो अधिकतम उपयोग किया गया, वह 'आत्मनिर्भर भारत' की सोच का जीवंत प्रतिफल है.

गंगा एक्सप्रेसवे सड़क नहीं, एक नई शुरुआत

जब डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और गंगा एक्सप्रेसवे मिलकर एक समग्र ढांचा बनाते हैं, तो उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की कल्पना केवल कल्पना नहीं रहती, वह एक निकट और निश्चित भविष्य बन जाती है. गंगा एक्सप्रेसवे सड़क नहीं, एक नई शुरुआत है, उत्तर प्रदेश के पुनर्जागरण की पुनर्निर्माण की , उसकी असीमित क्षमता के उद्घोष की. जैसे गंगा का उद्गम गोमुख में होता है लेकिन उसका प्रभाव सागर तक जाता है, वैसे ही गंगा एक्सप्रेसवे का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश की सीमाओं से बहुत आगे तक जाएगा.

उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने के नाते यह और भी संतोष जनक है कि हमारा प्रदेश विकास के पथ पर बहुत तेज़ी से अग्रसर है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी . मोदी - योगी का यह उपयोगी संयोग सदियों दृश्यमान रहेगा .

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 IPS अधिकारियों के तबादले
पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 IPS अधिकारियों के तबादले
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
Batwara 1947 बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड
'बंटवारा 1947' बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड

वीडियोज

Sansani: कैमरे में कैद मर्डर की LIVE पिक्चर
Bollywood News: इलायची ऐड पर घिरे SRK, अजय और टाइगर, FDA ने भेजा नोटिस (16.08.26)
Udne ki Asha: Sachin-Sailee के जाने पर रोया Laksh, Roshini को लगी मिर्ची!
Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 IPS अधिकारियों के तबादले
पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 IPS अधिकारियों के तबादले
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
Batwara 1947 बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड
'बंटवारा 1947' बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड
करीबी नेता की 'आत्महत्या' पर ममता बोलीं, 'दर्दनाक बात है कि...'
करीबी नेता की 'आत्महत्या' पर ममता बोलीं, 'मानसिक तनाव झेलना पड़ा'
जावेद अख्तर ने PAK राष्ट्रपति की उधेड़ी बखिया, कहा - 'हिंदुओं की...'
जावेद अख्तर ने PAK राष्ट्रपति की उधेड़ी बखिया, कहा - 'हिंदुओं की...'
घरों में क्यों लगाया जाता है MCB? जानें क्या होती है जरूरत
घरों में क्यों लगाया जाता है MCB? जानें क्या होती है जरूरत
थम्ब्स अप इमोजी पर छिड़ी बहस, लोगों ने कहा सबसे Rude है तरीका
थम्ब्स अप इमोजी पर छिड़ी बहस, लोगों ने कहा सबसे Rude है तरीका
Embed widget