ये रिसर्च के दावे हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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कॉपर टी में एक जहरीला तरल पाया जाता है जो महिला के गर्भाशय में पनपने वाले अंडे को मार देता है. इसे गर्भाशय के अंदर एक छोटे से ऑपरेशन के जरिए लगाया जाता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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कंडोम और पिल्स के अलावा भी आज के समय में अनेक विकल्प हो गए हैं जिससे प्रेगनेंट होने से बचा जा सकता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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विवाहित हो या अविवाहित लोग बच्चे तभी चाहते हैं जब वो इसके लिए पूरी तरह से तैयार होते हैं. सेक्स का आनंद लेते हुए कई गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल कर अनचाही प्रेगनेंसी से बचा जा सकता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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फेमकैप, डायाफ्राम या गर्भनिरोधक टोपी का ही छोटा रूप है. इसे अमूमन महिलाएं सेक्स करने से 6 घंटे पहले लगाती हैं और सेक्स के बाद अधिकतम 48 बाद इसे निकाल लेती हैं. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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डायाफ्राम या गर्भनिरोधक टोपी भी अनचाही गर्भ को रोकने का कारगर उपाय है. यह स्पर्म को महिलाओं के शरीर में जाने से रोकता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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इंजेक्शन भी इसका एक बढ़िया विकल्प है. लंबे समय तक प्रेगनेंसी से बचने के लिए इसका इस्तेमाल खूब होता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज
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इसके अलावा सेक्स करने के दो या तीन दिन बाद तक इमरजेंसी गर्भनिरोधक दवाई लेकर बेमन की प्रेगनेंसी से बचा जा सकता है. फोटो- गूगल फ्री इमेज