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सिर्फ इन 6 देशों के पास है खुद का GPS सिस्टम! पूरी दुनिया है इनके भरोसे, स्मार्टफोन से लेकर मिसाइल तक को करते हैं कंट्रोल
आज की डिजिटल दुनिया में जीपीएस हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. चाहे ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना हो, कैब बुक करनी हो या किसी नए इलाके में रास्ता ढूंढना, हर जगह GPS की मदद ली जाती है.
आज की डिजिटल दुनिया में जीपीएस हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. चाहे ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना हो, कैब बुक करनी हो या किसी नए इलाके में रास्ता ढूंढना, हर जगह GPS की मदद ली जाती है. लेकिन यह बात कम लोग जानते हैं कि दुनिया भर में सिर्फ अमेरिका का GPS ही नहीं, बल्कि कुल छह बड़े देशों और समूहों के पास अपने-अपने सैटेलाइट आधारित नैविगेशन सिस्टम मौजूद हैं. यही वजह है कि स्मार्टफोन से लेकर गाड़ियों और मिसाइल सिस्टम तक सब इन पर निर्भर रहते हैं.
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दरअसल, किसी भी नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम को तकनीकी भाषा में GNSS यानी ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम कहा जाता है. यह कई सैटेलाइट्स का नेटवर्क होता है जो लगातार पृथ्वी पर सिग्नल भेजते हैं. हमारे फोन या कार में मौजूद रिसीवर इन सिग्नलों को पकड़कर हमारी सटीक लोकेशन बता देते हैं. इस काम के लिए कम से कम चार सैटेलाइट्स का सिग्नल जरूरी होता है.
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दुनिया का सबसे पुराना और सबसे लोकप्रिय सिस्टम GPS है जिसे अमेरिका ने विकसित किया था. इसके पास 24 से ज्यादा सैटेलाइट्स हैं जो धरती से करीब 20,200 किलोमीटर की ऊंचाई पर घूमते हैं. स्मार्टफोन और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर नेविगेशन इसी पर आधारित है.
Published at : 24 Sep 2025 03:42 PM (IST)
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