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दिल्ली को आतंकियों से बचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं स्वात कमांडोज
Written By : एबीपी न्यूज़ | Updated at :
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पर दिल्ली पुलिस की स्वात कमांडो टीम को सिर्फ हथियार ही खतरनाक नहीं बनाते बल्कि इनकी ट्रेनिंग इन्हें तपाकर फौलाद बना देती है. दुश्मन के करीब पहुंचने से लेकर उस पर गोलियां बरसाने तक इन कमांडो को हर स्तर पर बेमिसाल बनाया जाता है. जबरदस्त फुर्ती और आतंकवादियों के हर मंसूबे को नाकाम करने में ये पूरी तरह से सक्षम है. स्वात कमांडो हर हालातों से निपटने के लिए तैयार रहता है ताकि उनकी कैपेबिलिटी और आगे और इंप्रूव होती चली जाए.
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चाहे वो उनके बेहद करीब क्यों ना हो. दुश्मन के बेहद करीब पहुंचने के बाद जब दुश्मन नज़र नहीं आ रहा होता है तो उस वक्त काम आती है ये कॉर्नर शॉट गन. ये वो गन है जो किसी भी तरफ मूव कर जाती है. इसमें एक लेज़र लाइट लगी हुई होती है और यहीं से दीवार के पीछे बैठ बैठे दुश्मन पर सटीक निशाना लगाया जा सकता है इस कॉर्नर शॉर्ट गन से. कॉर्नर शॉट गन इज़रायल में बनी हुई है. इसके चार अलग-अलग वैरिएंट हैं. जिनसे पिस्टल से लेकर टैंक तक उड़ाने वाले रॉकेट भी फायर होते हैं. इसे असॉल्ट राइफल की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कॉर्नर शॉट को 90 डिग्री के एंगल पर घुमाकर भी फायर किया जा सकता है.
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फिजिकल फिटनेस के अलावा कमांडोज को खास तौर पर निशानेबाज़ी की ट्रेनिंग दी जाती है. क्योंकि जो गोली आतंकियों को निशाना बना सकती है. वही बंधक की जान भी ले सकती है. इसलिए गलती की कोई गुंजाइश यहां रहती ही नहीं. स्वात कमांडो दुनिया के बेहतरीन कमांडोज़ में से एक हैं. इनका निशाना इतना अचूक होता है कि दुश्मन को हिलने तक का मौका नहीं देते हैं ये कमांडो.
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देश के सभी बड़े शहरों में हाई अलर्ट हैं, त्योहारों का मौसम है, भीड़ भाड़ ज्यादा होती है इसलिए आतंकी हमले की आशंका बनी रहती है. मुंबई हमले के बाद आतंक से लड़ने के तरीकों में बड़े बदलाव आए हैं, दिल्ली पुलिस ने आतंकियों से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है. ये हैं वो जांबाज़ जो दिल्ली को आतंकियों से बचाने के लिए तैयार हैं. दिल्ली पुलिस की एक बेहद खास और बेहद खतरनाक टीम. जिसका एक ही मकसद है. आतंकियों को मारना और उनके चंगुल में फंसे लोगों को बचाना.
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हर एक कमांडो के पास प्राइमरी वेपन जो एमपी फाइव गन या एके 47 होता है, जिसकी चार-चार मैग्जीन कमांडो पास होती है, उसके अलावा एक सेकेंडरी वेपन ग्लॉक 17 जिसे हम इस्तेमाल करते हैं. उसकी दो मैग्ज़ीन, उसके अलावा कमांडो डैगर, बुलेटप्रूफ हेलमेट, जैकेट, नी गार्ड, एल्बो गार्ड भी कमांडोज के पास रहते हैं. एक वायरलैस सेट कम्यूनिकेशन के लिए कमांडो के पास रहता है. लेकिन इन सारे हथियारों के अलावा इनके पास एक और बेहद खास गन है. इस गन से आतंकी सबसे ज्यादा खौफ खाते हैं. क्योंकि उन्हें सिर्फ ये बंदूक नज़र आती है. इसे चलाने वाला अदृश्य रहता है.
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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद और त्योहारों में आतंकी हमलों के अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस की स्वात टीम ने चौकसी बढ़ा दी है. ताकि अगर ऐसा कोई हमला हो तो वक्त रहते उस पर काबू पाया जा सके. ये स्वात कमांडो दुनिया भर के टॉप कमांडोज में से एक हैं. ये अंधेरे में वार कर सकते है. ये दिन में दुश्मन को आसानी से निशाना बना सकते हैं. एक एक कमांडो 10-10 दुश्मन पर भारी पडता है. आतंकियों से कैसे निपटना है. उनके हर वार को कैसे नाकाम कर उन पर काबू पाना है. ये सब इन स्वात कमांडोज़ को बखूबी आता है. आधुनिक हथियार और एंटी टेरेरिज़्म ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले हर गैजेट इनके पास हैं.
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