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नेत्रहीन बच्चों की ज्योति बन कर रहीं पालन, मनेंद्रगढ़ की गीता मां की तारीफ में पढ़े जाते हैं कसीदे
Mother's Day 2024: मदर्स डे पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से ममता की नायाब तस्वीर सामने आई है. यहां के एक संस्था में काम करने वाली गीता रजक की सभी तारीफ करते नहीं थकते हैं. जानें पूरी वजह-
नेत्रहीन बच्चों के आंखों की ज्योति बनी गीता रजक
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छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के आमाखेरवा में नेत्रहीन विद्यालय का संचालित होता है. यहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन दर्जन से ज्यादा बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं. घर से माता-पिता से दूर रह कर यहां नेत्रहीन बच्चे पढ़ते हैं.
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यहां काम करने वाली गीता इन बच्चों को कभी एहसास नहीं होने देतीं कि वे अपनी मां से दूर हैं. बीते 15 सालों से नेत्रहीन विद्यालय में काम करने वाली 53 वर्षीय गीता नेत्रहीन विद्यालयों के बच्चों की अब जगत मां का दर्जा प्राप्त कर नेत्रहीन बच्चों की ज्योति बन कर पालन कर रही हैं.
Published at : 13 May 2024 11:06 AM (IST)
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