बता दें कि इससे पहले 1992 में जन्मभूमि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक कारसेवक के रूप में अयोध्या आए थे. उसी समय उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे. इसके बाद राम मंदिर को लेकर चल रही तमाम विघ्नों और बाधाओं के खत्म होने के बाद जब मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया, उसके बाद ही मोदी दोबारा रामलला के दरबार में आए हैं.
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इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने हुए दिखाई दिए. मोदी को हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पटका भेंट किया.
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प्रधानमंत्री ने जमीन पर सीधे लेटकर श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया और फिर माल्यार्पण कर भोग लगाया. इसके बाद उन्होंने दान पेटी में कुछ दक्षिणा डाली और भूमि पूजन स्थल के लिए निकल पड़े.
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राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर करोड़ों श्रद्धालुओं का 500 वर्ष पुराना इंतजार खत्म हो चुका है. करीब 30 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आज प्रधानमंत्री मोदी रामलला के दर्शन करने पहुंचे और उनके दरबार में पहुंचते ही दंडवत प्रणाम किया.
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आज के दिन राम की नगरी अयोध्या में एक इतिहास लिखा गया. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि के शिलान्यास के लिए अयोध्या पहुंचे. शिलान्यास से पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और फिर राम जन्मभूमि क्षेत्र पहुंचकर भगवान राम को दंडवत प्रणाम किया.