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क्या सच में जहर बन जाता है अंकुरित आलू या प्याज? जानिए शरीर को कैसे कर सकता है नुकसान
अक्सर घरों में आलू और प्याज को लंबे समय तक रखने पर उनमें अंकुर निकल आते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये खाने के लिए सुरक्षित हैं या सेहत के लिए नुकसानदेह?
जब आलू अंकुरित होने लगते हैं या हरे पड़ने लगते हैं तो उनमें ग्लाइकोअल्कलॉइड्स नामक जहरीले यौगिकों का लेवल बढ़ जाता है. इनमें मुख्य रूप से सोलनिन और चाकोनिन शामिल हैं. ये प्राकृतिक रूप से आलू में कीटों और बीमारियों से बचाव के लिए मौजूद होते हैं, लेकिन इनकी मात्रा बढ़ने पर ये मानव शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं.
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सोलनिन की अधिक मात्रा से पेट में दर्द, ऐंठन, मतली (उबकाई), उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं, सोलनिन का अत्यधिक सेवन सिरदर्द, चक्कर आना, बुखार, लो ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण पैदा कर सकता है. बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह मांसपेशियों में कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत भी पैदा कर सकता है और रेयर केसेज में कोमा तक की कंडीशन भी बन सकती है.
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आलू अपने पोषक तत्वों का उपयोग अंकुरों को विकसित करने में कर देता है, जिससे उसकी पोषण गुणवत्ता जैसे विटामिन और मिनरल्स कम हो जाते हैं. इसके अलावा अंकुरित आलू में स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ा सकता है.
Published at : 14 Jul 2025 07:34 AM (IST)
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