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लॉन्ग ड्राइव की आदत कहीं आपको बना न दे नामर्द, जानें कैसे फर्टिलिटी पर होता है असर
कुछ लोग शौकिया तौर पर लॉन्ग ड्राइव करते हैं तो काफी लोगों को अपनी जॉब की वजह से लंबे-लंबे टूर करने पड़ते हैं. लॉन्ग ड्राइव करने की यह आदत नामर्द भी बना सकती है, जिसका खुलासा एक स्टडी में हुआ है.
जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में 2024 के दौरान एक स्टडी पब्लिश हुई. इसमें लॉन्ग ड्राइव और रीप्रोडक्टिव हेल्थ का कनेक्शन पता लगा. इस स्टडी में 2000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों थे. रिसर्चर्स ने देखा कि जो लोग रोजाना तीन घंटे से ज्यादा ड्राइविंग करते हैं, उनमें फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतों का खतरा 20-25 पर्सेंट तक बढ़ जाता है. यह दिक्कत पुरुषों में जल्दी नजर आती है. दरअसल, लॉन्ग ड्राइव करने वाले पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (नपुंसकता) की शिकायत 15 पर्सेंट ज्यादा पाई गई. वहीं, स्पर्म क्वालिटी में कमी देखी गई, जिसमें स्पर्म काउंट और मोटिलिटी प्रभावित हुई.
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लॉन्ग ड्राइव का खराब असर महिलाओं पर भी काफी ज्यादा पड़ता है. स्टडी के मुताबिक, लॉन्ग ड्राइव करने वाली महिलाओं में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) का लेवल बढ़ जाता है, जिससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है. साथ ही, अनियमित मासिक धर्म और प्रजनन क्षमता में भी कमी देखी गई. रिसर्चर्स ने बताया कि ड्राइविंग के दौरान शरीर एक ही स्थिति में रहता है. वहीं, ड्राइविंग के दौरान होने वाले वाइब्रेशन और प्रदूषण से दिक्कत बढ़ जाती है.
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गार्जियन में 2019 के प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं (कार फ्यूम्स) के लगातार संपर्क में रहने से पुरुषों में नपुंसकता का खतरा बढ़ता है. वहीं, लॉन्ग ड्राइव करने से टेस्टिकल्स (अंडकोष) का तापमान बढ़ता है, क्योंकि ड्राइवर सीट पर लगातार बैठे रहते हैं और वेंटिलेशन की कमी होती है. सामान्य से ज्यादा तापमान स्पर्म प्रोडक्शन को प्रभावित करता है, जिससे स्पर्म काउंट और क्वालिटी में कमी आती है.
Published at : 15 May 2025 07:00 AM (IST)
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