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क्यों क्रैश होते ही आग के गोले में बदल जाता है विमान, जानिए इसमें डलने वाला फ्यूल कितना खतरनाक
विमान क्रैश होते ही आग इसलिए लग जाती है क्योंकि विमान के अंदर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होते हैं. इसमें एविएशन टर्बाइन फ्यूल, हाइड्रोलिक ऑयल और दूसरे केमिकल शामिल होते हैं.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान आज सुबह बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया. इस दर्दनाक दुर्घटना में उनकी मौत की खबर सामने आई है. हादसे के बाद घटनास्थल से जो वीडियो सामने आए, उनमें विमान आग की लपटों में घिरा नजर आया. ऐसे हादसों के बाद अक्सर सवाल उठते हैं कि प्लेन क्रैश होते ही आगर क्यों लग जाती है और ऐसे हालात में बचने की संभावना कितनी होती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि क्यों विमा क्रैश होते ही आग के गोले में बदल जाता है और इसमें डालने वाला फ्यूल कितना खतरनाक होता है.
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विमान क्रैश होते ही आग इसलिए लग जाती है क्योंकि विमान के अंदर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होते हैं. इसमें एविएशन टर्बाइन फ्यूल, हाइड्रोलिक ऑयल और दूसरे केमिकल शामिल होते हैं. जब विमान क्रैश करता है तो झटके से फ्यूल टैंक फट जाते हैं और बाहर निकला फ्यूल चिंगारी या गर्म सतह के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेता है. यही वजह है कि प्लेन कुछ ही सेकंड में आग के गोले में बदल जाता है.
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वहीं विमान में इस्तेमाल होने वाला जेट फ्यूल बहुत खतरनाक होता है. यह 38 से 72 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर जल सकता है. अगर यह फ्यूल बिना आग के भी शरीर या सांस जरिए अंदर चला जाए, तो चक्कर, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी और स्किन पर जलन जैसी दिक्कतें हो सकती है. वहीं आग लगने की स्थिति में यही फ्यूल सबसे बड़ा जानलेवा कारण बन जाता है.
Published at : 28 Jan 2026 07:14 PM (IST)
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