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सीलिंग फैन में ज्यादातर तीन ब्लेड ही क्यों होते हैं, क्या है इसका लॉजिक?
भारत जैसे गर्म देश में चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए तेज हवा की जरूरत होती है. सीलिंग फैन में तीन ब्लेड होने का असली कारण हवा के दबाव और मोटर की स्पीड में सही संतुलन बनाना है.
गर्मियों के मौसम में राहत देने वाला सीलिंग फैन हर घर की बुनियादी जरूरत है, लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि भारत में मिलने वाले ज्यादातर छतों के पंखों में केवल तीन ही ब्लेड क्यों होते हैं? इसके विपरीत, जब हम हॉलीवुड फिल्मों या विदेशी घरों को देखते हैं, तो वहां चार या पांच ब्लेड वाले पंखे नजर आते हैं. पंखे के ब्लेड्स की इस संख्या के पीछे कोई तुक्का नहीं, बल्कि इसके पीछे पूरी तरह से विज्ञान, इंजीनियरिंग और किसी देश के बदलते मौसम का भूगोल छिपा हुआ है, जो इसकी रफ्तार और हवा को तय करता है.
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सीलिंग फैन बनाने वाली भारतीय कंपनियों का मुख्य उद्देश्य कम बिजली में सबसे तेज हवा देना होता है. भौतिक विज्ञान के नियमों के अनुसार, पंखे में ब्लेड की संख्या जितनी कम रखी जाएगी, हवा का घर्षण (एयर रेसिस्टेंस) उतना ही कम होगा. कम रुकावट होने की वजह से पंखे की मोटर बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बहुत ही तीव्र गति से घूम सकती है.
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यही वजह है कि तीन ब्लेड वाला पंखा हवा को बेहद तेजी से काटते हुए कमरे के हर कोने तक हाई-स्पीड एयरफ्लो पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम होता है. दुनिया के नक्शे पर अमेरिका, कनाडा या यूरोपीय देशों की जलवायु भारत से बिल्कुल अलग और ठंडी है. वहां के घरों में पंखों का इस्तेमाल चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए नहीं, बल्कि कमरों में वेंटिलेशन यानी हवा के सही फैलाव के लिए किया जाता है.
Published at : 24 May 2026 04:27 PM (IST)
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