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आतंकी हमला होने पर हॉस्पिटल में कौन सा कोड होता है एक्टिवेट? ये हैं नियम
Hospital Emergency Code: हॉस्पिटल में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए कुछ कोड इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे कि मरीजों में भगदड़ और पैनिक होने की स्थिति उत्पन्न न हो. चलिए इमरजेंसी कोड के बारे में जानें.
अस्पताल में हर तरीके के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, कई बार कुछ सीरियस केस होते हैं, तो कई बार नॉर्मल बीमारी का इलाज कराने के लिए भी लोग आ जाते हैं. लेकिन अगर वहां कुछ डरावनी घटना घट जाए तो मरीजों में भी अफरातफरी मच जाती है और वे इधर-उधर उठकर भागने लगते हैं. इसीलिए अस्पतालों में जब भी कुछ ऐसी इमरजेंसी आती है तो उसके लिए इमरजेंसी कोड लागू किए गए हैं, जो कि इमरजेंसी में बोले जा सकते हैं. चलिए जानें कि अगर आतंकी हमला हो जाए तो कौन सा कोड एक्टिव होगा.
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हॉस्पिटल में आपातकालीन कोड इसलिए लगाए जाते हैं, जिससे कि कोई भी इमरजेंसी की सिचुएशन में कोड में बात की जा सके और मरीजों में पैनिक न होने पाए.
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अस्पताल में हार्ट के मरीज या फिर अन्य कई गंभीर बीमारियों के मरीज भी भर्ती होते हैं, अगर उनको इस तरह की बातें सीधे तौर पर बता दी गईं तो वे बहुत ज्यादा घबरा सकते हैं और उनको हार्ट अटैक आने की भी संभावना होती है.
Published at : 17 Jul 2025 06:51 PM (IST)
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