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भारत में सबसे पहले आई थी ये शराब, जानें किन लोगों को थी पीने की इजाजत
1947 में भारतीय बिजनेसमैन विट्टल माल्या ने यूनाइटेड ब्रुअरीज के शेयर खरीद लिए और कंपनी के पहले भारतीय निदेशक चुने गए. विट्टल माल्या भारतीय बिजनेस मैन विजय माल्या के पिता थे.
'बे पिए ही शराब से नफरत, ये जहालत नहीं तो फिर क्या है...' साहिर लुधियानवी ने यह शेर उन लोगों के लिए लिखा, जो बिना पिए ही शराब को खराब बता देते हैं. अब शराब खराब है या अच्छी? इस पर मयखाने के शौकीन एक रिसर्च पेपर तक लिख सकते हैं. हालांकि, हम यहां शराब की क्वालिटी में न पड़कर भारत में उसके इतिहास पर चर्चा करेंगे.
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भारत में शराब का इतिहास तो बहुत पुराना है और कई जगह सोमरस का जिक्र मिल जाता है. हालांकि, इसके ठोस प्रमाण मुगल काल और ब्रिटिश शासन में ही मिलते हैं. कहा जाता है कि मुगल दरबार में शराब का चलन काफी ज्यादा था.
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कहते हैं कि मुगलों के भारत आने के बाद ही शराब शाही दरबारों तक पहुंची और धीरे-धीरे शाही जीवनशैली का हिस्सा बन गई. मुगल सम्राट अकबर को तो शराब से परहेज था, लेकिन उसके दरबार में इसका सेवन सामान्य था. अकबर के बाद जहांगीर शराब का काफी शौकीन था.
Published at : 31 Jan 2025 08:52 PM (IST)
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