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क्या है ताजिया, जानें कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?
History Of Tajiya: इस्लाम में मोहर्रम का बहुत महत्व होता है. इसे मोहम्मद साहब के नाती इमाम हुसैन के कर्बला की जंग में शहीद होने के गम में मनाया जाता है. जानते हैं कि ताजिया की परंपरा कब शुरू हुई.
इस्लाम में मुहर्रम का बहुत महत्व होता है. इस बार मुहर्रम का महीना 26 जून से शुरू हो गया है. यह इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, जिसे गम के रूप में मनाया जाता है. इस महीने में मुस्लिम समाज में कोई भी शुभ काम जैसे कि शादी-विवाह का आयोजन नहीं किया जाता है. इस महीने में सिर्फ मातम मनाया जाता है. मुहर्रम में देशभर में ताजिया का जुलूस भी निकाला जाता है, जो कि कर्बला में जाकर खत्म होता है. आइए जानें कि ताजिया क्या है और इसकी शुरुआत कब से हुई.
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मोहर्रम के महीने का खास दिन अशुरा होता है, जो कि 10वें दिन पड़ता है. इस बार अशुरा 6 जुलाई को है. इस दिन लोग पैगंबर मोहम्मद साहब के नाती इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हैं.
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इमाम हुसैन 680 ई. में कर्बला की जंग में परिवार समेत शहीद हो गए थे. ताजिया को इमाम हुसैन की कब्र के प्रतीक के रूप में बनाया जाता है.
Published at : 29 Jun 2025 06:18 PM (IST)
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