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Sound In Space: अंतरिक्ष में जब ट्रैवल नहीं करती आवाज, फिर एक-दूसरे की बात कैसे सुनते हैं एस्ट्रोनॉट्स?
Sound In Space: अंतरिक्ष में आवाज बिल्कुल भी ट्रैवल नहीं करती लेकिन एस्ट्रोनॉट फिर भी एक दूसरे से बात कर पाते हैं. आइए जानते हैं कैसे.
Sound In Space: अंतरिक्ष लगभग पूरी तरह से वेक्यूम है. यानी कि वहां पर हवा नहीं है जो आवाज की तरंगों को पृथ्वी की तरह एक जगह से दूसरी जगह पर ले जा सके. तो सवाल यह उठता है कि अगर अंतरिक्ष में आवाज ट्रैवल नहीं करती तो एस्ट्रोनॉट एक दूसरे की बात कैसे सुनते हैं. आइए जानते हैं.
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अंतरिक्ष में आवाज ट्रैवल नहीं कर सकती क्योंकि वहां पर वाइब्रेट करने के लिए हवा नहीं है. इस परेशानी को दूर करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की आवाज को उनके हेलमेट के अंदर लगे माइक्रोफोन का इस्तेमाल करके रेडियो तरंगों में बदल दिया जाता है. रेडियो तरंगे वैक्यूम में आसानी से ट्रेवल कर सकती हैं.
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हर अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट के मुंह के पास बिल्ड इन माइक्रोफोन और कानों के पास स्पीकर लगे होते हैं. जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री बोलता है तो माइक्रोफोन आवाज को पकड़ता है और उसे रेडियो सिग्नल के रूप में बदलकर भेज देता है. इसके बाद इन सिग्नल को दूसरे अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट में स्पीकर द्वारा वापस आवाज में बदल दिया जाता है.
Published at : 18 Jan 2026 09:58 AM (IST)
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