एक्सप्लोरर

Sound In Space: अंतरिक्ष में जब ट्रैवल नहीं करती आवाज, फिर एक-दूसरे की बात कैसे सुनते हैं एस्ट्रोनॉट्स?

Sound In Space: अंतरिक्ष में आवाज बिल्कुल भी ट्रैवल नहीं करती लेकिन एस्ट्रोनॉट फिर भी एक दूसरे से बात कर पाते हैं. आइए जानते हैं कैसे.

Sound In Space: अंतरिक्ष में आवाज बिल्कुल भी ट्रैवल नहीं करती लेकिन एस्ट्रोनॉट फिर भी एक दूसरे से बात कर पाते हैं. आइए जानते हैं कैसे.

Sound In Space: अंतरिक्ष लगभग पूरी तरह से वेक्यूम है. यानी कि वहां पर हवा नहीं है जो आवाज की तरंगों को पृथ्वी की तरह एक जगह से दूसरी जगह पर ले जा सके. तो सवाल यह उठता है कि अगर अंतरिक्ष में आवाज ट्रैवल नहीं करती तो एस्ट्रोनॉट एक दूसरे की बात कैसे सुनते हैं. आइए जानते हैं.

1/6
अंतरिक्ष में आवाज ट्रैवल नहीं कर सकती क्योंकि वहां पर वाइब्रेट करने के लिए हवा नहीं है. इस परेशानी को दूर करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की आवाज को उनके हेलमेट के अंदर लगे माइक्रोफोन का इस्तेमाल करके रेडियो तरंगों में बदल दिया जाता है. रेडियो तरंगे वैक्यूम में आसानी से ट्रेवल कर सकती हैं.
अंतरिक्ष में आवाज ट्रैवल नहीं कर सकती क्योंकि वहां पर वाइब्रेट करने के लिए हवा नहीं है. इस परेशानी को दूर करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की आवाज को उनके हेलमेट के अंदर लगे माइक्रोफोन का इस्तेमाल करके रेडियो तरंगों में बदल दिया जाता है. रेडियो तरंगे वैक्यूम में आसानी से ट्रेवल कर सकती हैं.
2/6
हर अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट के मुंह के पास बिल्ड इन माइक्रोफोन और कानों के पास स्पीकर लगे होते हैं. जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री बोलता है तो माइक्रोफोन आवाज को पकड़ता है और उसे रेडियो सिग्नल के रूप में बदलकर भेज देता है. इसके बाद इन सिग्नल को दूसरे अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट में स्पीकर द्वारा वापस आवाज में बदल दिया जाता है.
हर अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट के मुंह के पास बिल्ड इन माइक्रोफोन और कानों के पास स्पीकर लगे होते हैं. जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री बोलता है तो माइक्रोफोन आवाज को पकड़ता है और उसे रेडियो सिग्नल के रूप में बदलकर भेज देता है. इसके बाद इन सिग्नल को दूसरे अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट में स्पीकर द्वारा वापस आवाज में बदल दिया जाता है.
3/6
अंतरिक्ष यात्री अपने हेलमेट के नीचे एक खास कम्युनिकेशन हेडसेट को पहनते हैं. इसे कॉम कैप या फिर स्नूपी कैप कहते हैं. इस मुलायम कैप में ईयरफोन और माइक्रोफोन होते हैं और यह स्पेस वॉक के दौरान, स्पेसक्राफ्ट के अंदर और मिशन कंट्रोल के बाद करते समय कम्युनिकेशन को पक्का करता है.
अंतरिक्ष यात्री अपने हेलमेट के नीचे एक खास कम्युनिकेशन हेडसेट को पहनते हैं. इसे कॉम कैप या फिर स्नूपी कैप कहते हैं. इस मुलायम कैप में ईयरफोन और माइक्रोफोन होते हैं और यह स्पेस वॉक के दौरान, स्पेसक्राफ्ट के अंदर और मिशन कंट्रोल के बाद करते समय कम्युनिकेशन को पक्का करता है.
4/6
यही रेडियो आधारित सिस्टम अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर मिशन कंट्रोल से बात करने में भी मदद करता है. उनके रेडियो सिग्नल ग्राउंड एंटीना तक पहुंचने से पहले सैटेलाइट और स्पेस स्टेशन के जरिए रिले किए जाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रियल टाइम बातचीत मुमकिन हो पाए.
यही रेडियो आधारित सिस्टम अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर मिशन कंट्रोल से बात करने में भी मदद करता है. उनके रेडियो सिग्नल ग्राउंड एंटीना तक पहुंचने से पहले सैटेलाइट और स्पेस स्टेशन के जरिए रिले किए जाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रियल टाइम बातचीत मुमकिन हो पाए.
5/6
अगर रेडियो कम्युनिकेशन फेल हो जाता है तो अंतरिक्ष यात्रियों के पास एक लो टैक इमरजेंसी ऑप्शन होता है. अपने हेलमेट को एक साथ दबाकर एक हेलमेट से वाइब्रेशन ठोस पदार्थ से दूसरे हेलमेट तक जा सकती हैं. इससे काफी बेसिक आवाज ट्रांसमिट हो पाती है.
अगर रेडियो कम्युनिकेशन फेल हो जाता है तो अंतरिक्ष यात्रियों के पास एक लो टैक इमरजेंसी ऑप्शन होता है. अपने हेलमेट को एक साथ दबाकर एक हेलमेट से वाइब्रेशन ठोस पदार्थ से दूसरे हेलमेट तक जा सकती हैं. इससे काफी बेसिक आवाज ट्रांसमिट हो पाती है.
6/6
स्पेस वॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री हाथ के इशारों और संकेतों पर भी निर्भर रहते हैं. अगर टेक्निकल दिक्कतों की वजह से रेडियो की क्वालिटी में रुकावट आती है तो वे हाथ के इशारों का ही इस्तेमाल करते हैं.
स्पेस वॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री हाथ के इशारों और संकेतों पर भी निर्भर रहते हैं. अगर टेक्निकल दिक्कतों की वजह से रेडियो की क्वालिटी में रुकावट आती है तो वे हाथ के इशारों का ही इस्तेमाल करते हैं.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच
अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच
देश की किन जेलों में दी जाती है फांसी की सजा, कहां बनाई जाती है इसकी रस्सी?
देश की किन जेलों में दी जाती है फांसी की सजा, कहां बनाई जाती है इसकी रस्सी?
लोगों को करोड़ों रुपये बांटने के बाद भी कैसे पैसा कमाता है KBC?
लोगों को करोड़ों रुपये बांटने के बाद भी कैसे पैसा कमाता है KBC?
कौन है आरामको का मालिक, हमलों से कितना उठा रहे नुकसान?
कौन है आरामको का मालिक, हमलों से कितना उठा रहे नुकसान?

वीडियोज

सजा-ए-मौत का नीला ड्रम!
CJP को भी 'हाइजैक' कर लेंगे राहुल ?
थम नहीं रहा घमासान... कैसे निकलेगा समाधान? सटीक विश्लेषण
घुसपैठिया और SIR, 2029 की 'जंग' तैयार!
Vasudha: Vasudha के प्यार में रस्में भूला Dev, दादी ने कान पकड़कर सिखाया सबक!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी ने बढ़ाया अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ? चाय पर बुलाया
राहुल गांधी ने बढ़ाया अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ? चाय पर बुलाया
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बिहार, सुबह-सुबह रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बिहार, सुबह-सुबह रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या
CJP नेता अभिजीत दीपके-सौरव दास और आशुतोष रांका फंसे, दर्ज हुआ SC-ST एक्ट में केस
CJP नेता अभिजीत दीपके-सौरव दास और आशुतोष रांका फंसे, दर्ज हुआ SC-ST एक्ट में केस
Box Office: बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, 'द वन' का हुआ बंटाधार
बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, जानें- कलेक्शन
हार्दिक पांड्या की छुट्टी तय, कौन होगा MI का अगला कप्तान? MI मैनेजमेंट में दो राय!
हार्दिक पांड्या की छुट्टी तय, कौन होगा MI का अगला कप्तान? MI मैनेजमेंट में दो राय!
शिवा शर्मा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा दुबे ने शेयर किया Video, बोली- 'मैं गायब नहीं हूं'
शिवा शर्मा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा दुबे ने शेयर किया Video, बोली- 'मैं गायब नहीं हूं'
नीला ड्रम केस: मुस्कान और उसके लवर को सजा-ए-मौत देने वाले जज कौन? फेंका पेन
नीला ड्रम केस: मुस्कान और उसके लवर को सजा-ए-मौत देने वाले जज कौन? फेंका पेन
Fluffy Rice: रेस्टोरेंट जैसे खिले-खिले चावल कैसे बनाएं? नोट करें 1 आसान हैक
रेस्टोरेंट जैसे खिले-खिले चावल कैसे बनाएं? नोट करें 1 आसान हैक
Embed widget