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बचपन में बेची रूई, कॉलेज से मिले 40 हजार रुपये लेकर पहुंचे मुंबई...भावुक कर देगी 'पंचायत 3' के 'बिनोद' की सक्सेस स्टोरी
Ashok Pathak Success Story: पंचायत का तीसरा सीजन भी लगातार दर्शकों को भा रहा है. हर किरदार एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित करने में कामयाब हुआ है. इनमें से एक किरदार 'बिनोद' का भी है.
‘पंचायत 3’ में बिनोद का किरदार कल्ट बन चुका है और हर मीम में सबसे आगे दिखता है. इस किरदार को निभाया है अशोक पाठक ने, आज अशोक के संघर्ष और फिर सफलता के शिखर पर पहुंचने की कहानी बताएंगे.
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अशोक पाठक मूल रूप से बिहार के सीवान के रहने वाले हैं. परिवार कामकाज के सिलसिले हरियाणा के फरीदाबाद आ गया. अशोक का बचपन मुफलिसी में गुजरा है. चाचा रूई बेचने जाते थे तो अशोक ने भी बचपन से ही उनकी मदद करना शुरू कर दिया. अशोक बताते हैं कि वो साइकिल पर रूई का गठ्ठर रखकर कई दूर तक उसे बेचने जाते थे. इस काम से उन्हें हर रोज करीब सौ रुपये तक की कमाई हो जाती थी. जिससे एक दिन उन्होंने थिएटर में फिल्म भी देखी.
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इस बीच वो धीरे-धीरे बड़े हुए तो बुरी संगत की वजह से कई अवगुणों में भी फंस गए. गुटखा, पान, तंबाकू जैसी चीजों का शौक लग गया. अशोक एक बातचीत के दौरान बताते हैं कि जिस बच्चे के साथ खेलने से हर माता पिता रोकते हैं, बचपन में वो बच्चा मैं था.
Published at : 02 Jun 2024 04:51 PM (IST)
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