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पिता के निधन के बाद बदली जिंदगी, कठिन हालातों से निकलकर बनीं IPS इल्मा अफरोज
पिता का साया बचपन में उठ गया, लेकिन इल्मा अफरोज ने हिम्मत नहीं हारी. मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई कर उन्होंने UPSC पास किया और IPS अधिकारी बनकर लाखों युवाओं को प्रेरित किया.
सफलता की राह अक्सर चुनौतियों से होकर गुजरती है. कुछ लोग मुश्किल परिस्थितियों के सामने हार मान लेते हैं, जबकि कुछ अपने संघर्ष को ही अपनी ताकत बना लेते हैं. मुरादाबाद की इल्मा अफरोज उन्हीं लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखा और मेहनत के दम पर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जगह बनाई.
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इल्मा अफरोज का जन्म वर्ष 1991 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी क्षेत्र में हुआ था.बचपन से ही उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं.लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने साल 2017 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 217वीं रैंक हासिल की.
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इल्मा अफरोज का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा.जब वह किशोरावस्था में थीं, तब उनके पिता का कैंसर के कारण निधन हो गया. परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया और घर की जिम्मेदारियां उनकी मां के कंधों पर आ गईं. ऐसे समय में परिवार के लिए जीवनयापन करना भी आसान नहीं था, लेकिन इल्मा ने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा सहारा बनाया.
Published at : 31 May 2026 07:56 AM (IST)
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