क्या है रौशन आनंद की जाति? 15 साल की उम्र में छोड़ा घर, बने 'दारोगा गुरु', अब खान सर विवाद में आए चर्चा में
सहरसा के किसान परिवार से आने वाले रौशन आनंद ने संघर्षों के बीच 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' खड़ी कर बिहार में 'दारोगा गुरु' के रूप में पहचान बनाई.

- खान सर के संस्थान पर हमले में रौशन आनंद गिरफ्तार.
- किसान परिवार से निकले रौशन आनंद ने 'ज्ञान बिंदु' एकेडमी बनाई.
- उनकी एकेडमी ने छात्रों को दारोगा-पुलिस परीक्षा में सफल बनाया.
अपने पढ़ाई के अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में रहने वाले खान सर एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन इस बार वजह पढ़ाई-लिखाई नहीं कुछ और है. दरअसल पटना के कोचिंग संस्थानों के बीच फिलहाल कुछ ठीक नहीं चल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार अब इन सेंटर्स में आपसी कम्पटीशन के चलते विवाद हो रहे हैं. आइए पूरा मामला जानते हैं...
हाल ही में चर्चित शिक्षक खान सर के संस्थान पर हुए कथित हमले और पत्थरबाजी के मामले ने पूरे राज्य में चर्चा छेड़ दी है. इस मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद और उनके कुछ सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. इसके बाद रौशन आनंद एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं.
किसान परिवार से निकलकर बनाई अलग पहचान
रौशन आनंद का जन्म बिहार के सहरसा जिले के धमसेना गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने बचपन से ही बड़े सपने देखे. बताया जाता है कि अपने करियर को संवारने के लिए उन्होंने महज 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था.
सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद वे इंजीनियर बनने का सपना लेकर राजस्थान के कोटा पहुंचे. कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने AIEEE परीक्षा पास की और प्रतिष्ठित बीआईटी मेसरा में दाखिला हासिल किया. हालांकि आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें बीच में ही अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़नी पड़ी.
सरकारी नौकरी का सपना अधूरा रह गया
फिर इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ने के बाद रौशन आनंद ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2014 में लिखित परीक्षा भी पास कर ली. लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो सके.
उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा की तैयारी की. वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाए. लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया.
इस वर्ग से रखते हैं ताल्लुक
रौशन आनंद यादव समुदाय से आते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंध रखते हैं. सहरसा के एक किसान परिवार से निकलकर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई. सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों का कहना है कि सीमित संसाधनों से शुरुआत कर बड़ी कोचिंग संस्था खड़ी करना उनकी बड़ी उपलब्धि है.
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चार छात्रों से शुरू हुई कोचिंग
रौशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को पटना में 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' की स्थापना की. शुरुआत में उनके पास केवल चार से छह छात्र थे. सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी कोचिंग को आगे बढ़ाया.
धीरे-धीरे बिहार पुलिस और सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराने में उनकी पहचान बनने लगी. उनके संस्थान से बड़ी संख्या में छात्रों के चयन होने लगे. इसी वजह से छात्रों के बीच उन्हें 'दारोगा गुरु' के नाम से पहचान मिली.
खान सर विवाद में क्यों आया नाम?
हाल के दिनों में रौशन आनंद का नाम खान सर से जुड़े विवाद के कारण चर्चा में है. पुलिस के अनुसार, 2 जून की रात खान सर के संस्थान 'खान ग्लोबल स्टूडियो' पर कथित हमला, पत्थरबाजी और पोस्टर फाड़ने की घटना हुई थी. जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों की पहचान की. इसके बाद रौशन आनंद और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया.
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