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GATE 1983 से 2027 तक, जानें 40 साल में कितना बदल गया एग्जाम
गेट परीक्षा की शुरुआत 1983 में हुई थी, तब इसका स्वरूप बहुत अलग था. उस समय गेट का मकसद IITs और IISc में पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करना था.
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग आज देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षा में शामिल है. लेकिन जब इस परीक्षा की शुरुआत 1983 में हुई थी, तब इसका स्वरूप आज से बहुत अलग था. उस समय गेट का मकसद मुख्य रूप से IITs और IISc में पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करना था. वहीं करीब 4 दशक से ज्यादा समय में इस परीक्षा का दायरा लगातार बढ़ा है और अब इसमें इंजीनियरिंग के साथ कई दूसरे विषय भी शामिल हैं.
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