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रथ यात्रा से पहले जगन्नाथ जी ने किया 108 घड़ों के जल से स्नान, क्या है मंदिर के कुएं का रहस्य जानें
Jagannath Rath Yatra 2025: पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले कुछ खास अनुष्ठान किए जाते हैं जिसमें से एक है जगन्नाथ जी का सहस्त्रस्नान, क्या है अनुष्ठान क्यों इसके बाद भगवान बीमार पड़ जाते हैं जानें.
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025
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जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है लेकिन इससे पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा से अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं. पूर्णिमा के दिन जगन्नाथ जी, बलभद्र, सुभद्रा माता का सहस्त्रस्नान होता है.
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ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में 11 जून को स्नान पूर्णिमा मनेगी. इस दिन मंदिर में भक्तों के समक्ष जगन्नाथ जी को सहस्त्रस्नान यानी 108 घड़ों के जल से स्नान कराया जाएगा. स्नान के लिए सोने के 108 घड़ों में पानी भरा जाता है, उनमें कस्तूरी, केसर, चंदन और कई तरह की औषधियां मिलाएंगे.
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पूरे साल में सिर्फ इसी दिन भगवान जगन्नाथ को मंदिर में ही बने सोने के कुंए के पानी से नहलाया जाता है, इसलिए इसे स्नान पूर्णिमा कहते हैं. मंदिर के पुजारियों का कहना है कि इस इस कुएं में कई तीर्थों का जल है.
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ये कुंआ 4-5 फीट चौड़ा वर्गाकार कुआं है. ये जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में ही देवी शीतला और उनके वाहन सिंह की मूर्ति के ठीक बीच में बना है. इसमें नीचे की तरफ दीवारों पर पांड्य राजा इंद्रद्युम्न ने सोने की ईंटें लगवाईं थीं.
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परंपरा के मुताबिक देवस्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को बुखार आ जाता है, इसलिए वो यात्रा से दो पहले तक एकांतवास में रहते हैं. 11 से 25 जून तक किसी को दर्शन नहीं देंगे.
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इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा 27 जून 2025 को निकलेगी इसका 10 जुलाई को समापन होगा. जगन्नाथ रथ यात्रा में विश्वभर से लोग आते हैं. मान्यता है इसके अद्भुत पुण्य प्राप्त होता है.
Published at : 10 Jun 2025 06:42 PM (IST)
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