एक्सप्लोरर

Fasal Bima Yojana Rules: एक किसान कितनी बार ले सकता है फसल बीमा योजना का मुआवजा, जानें क्या हैं नियम?

Fasal Bima Yojana Rules : इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे किसान नुकसान से उबर सकें और अगली फसल की तैयारी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकें.

Fasal Bima Yojana Rules : इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे किसान नुकसान से उबर सकें और अगली फसल की तैयारी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकें.

खरीफ सीजन में किसान सूखा, बाढ़, ओला बारिश, जलभराव, कीट और रोग जैसी कई प्राकृतिक समस्याओं का सामना करते हैं. ऐसी स्थिति में किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही समय में बर्बाद हो सकती है. किसानों को इसी आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे किसान नुकसान से उबर सकें और अगली फसल की तैयारी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकें. हालांकि, योजना का फायदा तभी मिल सकता है जब किसान समय पर बीमा कराएं और उनके सभी डॉक्यूमेंट्स सही हों. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक किसान फसल बीमा योजना का मुआवजा कितनी बार ले सकता है और इसके लिए किन नियमों का पालन करना जरूरी है.

1/6
फसल बीमा योजना में किसी किसान के लिए मुआवजा लेने की कोई तय सीमा नहीं है. अगर किसान ने संबंधित सीजन की फसल का बीमा कराया है और बीमित जोखिमों के कारण फसल को नुकसान होता है, तो वह नियमों के अनुसार मुआवजे का दावा कर सकता है. जिस सीजन की फसल बीमित होगी और नुकसान योजना के दायरे में होगा, उस स्थिति में किसान क्लेम का पात्र हो सकता है.
फसल बीमा योजना में किसी किसान के लिए मुआवजा लेने की कोई तय सीमा नहीं है. अगर किसान ने संबंधित सीजन की फसल का बीमा कराया है और बीमित जोखिमों के कारण फसल को नुकसान होता है, तो वह नियमों के अनुसार मुआवजे का दावा कर सकता है. जिस सीजन की फसल बीमित होगी और नुकसान योजना के दायरे में होगा, उस स्थिति में किसान क्लेम का पात्र हो सकता है.
2/6
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. इनमें सूखा, लंबे समय तक बारिश नहीं होना, जलभराव, बाढ़, ओला बारिश, चक्रवात, प्राकृतिक आग, बिजली, कीट और रोग का प्रकोप शामिल हैं .कुछ विशेष परिस्थितियों में अगर मौसम के कारण बुवाई नहीं हो पाती या आंशिक बुवाई होती है, तब भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है. वहीं कटाई के बाद खेत में सुखाने के दौरान चक्रवाती बारिश या बेमौसम बारिश से हुए नुकसान को भी तय नियमों के तहत कवर किया जाता है.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. इनमें सूखा, लंबे समय तक बारिश नहीं होना, जलभराव, बाढ़, ओला बारिश, चक्रवात, प्राकृतिक आग, बिजली, कीट और रोग का प्रकोप शामिल हैं .कुछ विशेष परिस्थितियों में अगर मौसम के कारण बुवाई नहीं हो पाती या आंशिक बुवाई होती है, तब भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है. वहीं कटाई के बाद खेत में सुखाने के दौरान चक्रवाती बारिश या बेमौसम बारिश से हुए नुकसान को भी तय नियमों के तहत कवर किया जाता है.
3/6
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार सबसे बड़ी गलती तब होती है जब खेत में बोई गई फसल और बीमा आवेदन में दर्ज फसल अलग-अलग होती है. ऐसी स्थिति में नुकसान होने के बाद भी बीमा क्लेम अटक सकता है. इसलिए किसान आवेदन की रसीद को सुरक्षित रखें और उसमें दर्ज फसल की जानकारी अच्छी तरह जांच लें. अगर किसी कारण फसल का नाम गलत दर्ज हो गया है तो किसान 29 जुलाई 2026 तक उसमें संशोधन करवा सकते हैं. इसके अलावा बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए, मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए और गिरदावरी, भूमि रिकॉर्ड तथा खसरा विवरण भी अपडेट होना जरूरी है.
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार सबसे बड़ी गलती तब होती है जब खेत में बोई गई फसल और बीमा आवेदन में दर्ज फसल अलग-अलग होती है. ऐसी स्थिति में नुकसान होने के बाद भी बीमा क्लेम अटक सकता है. इसलिए किसान आवेदन की रसीद को सुरक्षित रखें और उसमें दर्ज फसल की जानकारी अच्छी तरह जांच लें. अगर किसी कारण फसल का नाम गलत दर्ज हो गया है तो किसान 29 जुलाई 2026 तक उसमें संशोधन करवा सकते हैं. इसके अलावा बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए, मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए और गिरदावरी, भूमि रिकॉर्ड तथा खसरा विवरण भी अपडेट होना जरूरी है.
4/6
इस खरीफ सीजन में बाजरा, ज्वार, मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, उड़द, चंवला, अरहर, तिल, सोयाबीन, कपास, धान और मूंगफली समेत कुल 23 फसलें बीमा के दायरे में शामिल हैं. इसके अलावा हरी मिर्च, प्याज, टमाटर, टिंडा, अरंडी, अनार, संतरा, खजूर, किन्नू और मेहंदी जैसी बागवानी फसलों को भी बीमा योजना में शामिल किया गया है. हालांकि फसलों की सूची जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
इस खरीफ सीजन में बाजरा, ज्वार, मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, उड़द, चंवला, अरहर, तिल, सोयाबीन, कपास, धान और मूंगफली समेत कुल 23 फसलें बीमा के दायरे में शामिल हैं. इसके अलावा हरी मिर्च, प्याज, टमाटर, टिंडा, अरंडी, अनार, संतरा, खजूर, किन्नू और मेहंदी जैसी बागवानी फसलों को भी बीमा योजना में शामिल किया गया है. हालांकि फसलों की सूची जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
5/6
जिन किसानों ने केसीसी (KCC) या किसी मान्यता प्राप्त बैंक से फसल लोन लिया है, उनका फसल बीमा सामान्य रूप से बैंक के तहत एक्सेप्ट किया जाता है. वहीं गैर-लोन किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, संबंधित बैंक, अधिकृत वित्तीय संस्थान या फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
जिन किसानों ने केसीसी (KCC) या किसी मान्यता प्राप्त बैंक से फसल लोन लिया है, उनका फसल बीमा सामान्य रूप से बैंक के तहत एक्सेप्ट किया जाता है. वहीं गैर-लोन किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, संबंधित बैंक, अधिकृत वित्तीय संस्थान या फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
6/6
खरीफ फसलों के लिए आवेदन की लास्ट डेट 31 जुलाई तय की गई है. विशेषज्ञों के अनुसार कई किसान सही जानकारी नहीं होने या डॉक्यूमेंट्स में छोटी-छोटी गलतियों के कारण योजना का पूरा फायदा नहीं ले पाते हैं. कई मामलों में फसल का समय पर बीमा नहीं हो पाता और कई बार बीमा होने के बाद भी पूरा क्लेम नहीं मिल पाता है. ऐसे में आवेदन करने से पहले आधार, बैंक खाते की जानकारी, जन आधार लिंकिंग, भूमि रिकॉर्ड, गिरदावरी और फसल संबंधी सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच करना जरूरी है.
खरीफ फसलों के लिए आवेदन की लास्ट डेट 31 जुलाई तय की गई है. विशेषज्ञों के अनुसार कई किसान सही जानकारी नहीं होने या डॉक्यूमेंट्स में छोटी-छोटी गलतियों के कारण योजना का पूरा फायदा नहीं ले पाते हैं. कई मामलों में फसल का समय पर बीमा नहीं हो पाता और कई बार बीमा होने के बाद भी पूरा क्लेम नहीं मिल पाता है. ऐसे में आवेदन करने से पहले आधार, बैंक खाते की जानकारी, जन आधार लिंकिंग, भूमि रिकॉर्ड, गिरदावरी और फसल संबंधी सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच करना जरूरी है.

एग्रीकल्चर फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Tree Farming Between the Crop Farm: खेत की मेड़ पर लगाएं ये पेड़, होने लगेगी एक्स्ट्रा इनकम
खेत की मेड़ पर लगाएं ये पेड़, होने लगेगी एक्स्ट्रा इनकम
दूध-हल्दी और हींग से घर पर बनाएं नेचुरल फर्टीलाइजर, खिल उठेंगे पौधे
दूध-हल्दी और हींग से घर पर बनाएं नेचुरल फर्टीलाइजर, खिल उठेंगे पौधे
मसाले, औषधीय पौधे या फूल... कम जमीन में ज्यादा मुनाफा किसमें?
मसाले, औषधीय पौधे या फूल... कम जमीन में ज्यादा मुनाफा किसमें?
Mushroom Farming Subsidy: मशरूम की खेती के लिए यूपी सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे उठाएं लाभ
मशरूम की खेती के लिए यूपी सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे उठाएं लाभ
Advertisement

वीडियोज

Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)
Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
FCRA बिल पर होगा बवाल! खरगे ने कहा- कांग्रेस करेगी विरोध
FCRA बिल पर होगा बवाल! खरगे ने कहा- कांग्रेस करेगी विरोध
PM मोदी से मिलेगा शरद गुट, कांग्रेस ने कहा- INDIA गठबंधन की एकता...
PM मोदी से मिलेगा शरद गुट, कांग्रेस ने कहा- INDIA गठबंधन की एकता...
'मुसाफिर कैफे' के ऑडिशन में रिजेक्ट हुई थीं वेदिका पिंटो, फिर ऐसे मिला सुधा का रोल
'मुसाफिर कैफे' के ऑडिशन में रिजेक्ट हुई थीं वेदिका पिंटो, फिर ऐसे मिला सुधा का रोल
रुतुराज गायकवाड़ से छिना नंबर-1 का ताज, अब इंग्लैंड के बल्लेबाज के पास बादशाहत
रुतुराज गायकवाड़ से छिना नंबर-1 का ताज, अब इंग्लैंड के बल्लेबाज के पास बादशाहत
पुडुचेरी पुलिस को अमित शाह ने सौंपा 'प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’, क्या है इसकी खासियत?
पुडुचेरी पुलिस को अमित शाह ने सौंपा 'प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’, क्या है इसकी खासियत?
कनाडा में भारतीय महिला की हत्या, 7 महीने बाद कैसे आरोपी हुआ गिरफ्तार?
कनाडा में भारतीय महिला की हत्या, 7 महीने बाद कैसे आरोपी हुआ गिरफ्तार?
कैसे बनाते हैं कच्चे पपीते की चटनी, सेहत के साथ स्वाद का जायका
कैसे बनाते हैं कच्चे पपीते की चटनी, सेहत के साथ स्वाद का जायका
शादी के 13 साल बाद मिली वर्दी, 2 बच्चों की मां बनीं पुलिस ऑफिसर
शादी के 13 साल बाद मिली वर्दी, 2 बच्चों की मां बनीं पुलिस ऑफिसर
Embed widget