लॉस एंजेलिस में बवाल, पुलिस पर फेंके गए पटाखे और पत्थर, ट्रंप की प्रदर्शनकारियों को चेतावनी- 'पुलिस पर थूका तो...'
Protest in Los Angeles: प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने लॉस एंजिल्स में छापेमारी की.

Protest in Los Angeles: लॉस एंजेलिस की सड़कों पर छिड़ी उथल-पुथल अब अमेरिकी राजनीति में गरमाहट पैदा कर रही है. इमिग्रेशन छापों के खिलाफ शुरू हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन अब उग्र होते जा रहे हैं. अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के विरोध में दो दिन से जारी प्रदर्शन हिंसक हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह पुलिस पर पत्थर और पटाखे चलाए. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी है, बल्कि 2,000 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती भी कर दी है.
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
रविवार को न्यू जर्सी से एयरफोर्स वन पर सवार होने से पहले मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, "अब इनका नया तरीका है- थूकना. वे पुलिस और सैनिकों के पास जाकर उनके चेहरे पर थूकते हैं. अगर ऐसा होता है तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा." ट्रंप ने चेतावनी दी कि कोई भी सुरक्षा बलों की गरिमा से खिलवाड़ नहीं कर सकता.
ICE छापों के बाद भड़का प्रदर्शन, मचा हंगामा
प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने लॉस एंजिल्स में छापेमारी की. जवाब में नागरिक समूहों ने मारियाची प्लाजा से डाउनटाउन LA के फेडरल डिटेंशन सेंटर तक मार्च निकाला, जिसमें “ आईसीई आउट ऑफ एलए” जैसे नारे लगे.
नेशनल गार्ड ने की कार्रवाई
हालात तब और बिगड़ गए जब नेशनल गार्ड के जवानों ने बिना चेतावनी के आंसू गैस और पेपर बॉल्स दागे. चश्मदीदों के मुताबिक, सड़कों पर गैस का घना धुंआ फैल गया, जिससे प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागते नजर आए. लॉस एंजेलिस पुलिस विभाग (LAPD) ने बताया कि शनिवार को 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो कानून के आदेशों को न मानते हुए इलाके में रुके रहे. हालांकि पुलिस प्रवक्ता नॉर्मा आइज़ेनमैन ने ये स्पष्ट नहीं किया कि कम घातक बल का उपयोग हुआ या नहीं.
व्हाइट हाउस की सख्त प्रतिक्रिया
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन प्रदर्शनों को "विद्रोह" कहा, वहीं राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर ने इसे "हिंसक विद्रोह" की बताया. यह दर्शाता है कि सरकार इस आंदोलन को सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि खतरे के रूप में देख रही है.
अभी नहीं लागू हुआ बगावत अधिनियम, लेकिन संकेत साफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक 1807 का बगावत अधिनियम (Insurrection Act) लागू नहीं किया है, जो उन्हें सैन्य बल से घरेलू शांति बहाल करने का अधिकार देता है. लेकिन जब पत्रकारों ने इस पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या यह विद्रोह है. हमने बीती रात LA को करीब से देखा, वहां हिंसा थी. स्थिति और भी खराब हो सकती थी.”
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चेतावनी दी कि अगर हिंसा नहीं थमी, तो सक्रिय ड्यूटी वाले सैनिकों को भी बुलाया जा सकता है. उन्होंने कहा “कैंप पेंडलटन में तैनात मरीन जवान हाई अलर्ट पर हैं.”
मैक्सिको की राष्ट्रपति ने प्रवासियों का किया बचाव
मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम ने अमेरिका में रह रहे अपने नागरिकों का मजबूती से बचाव किया है. उन्होंने कहा, "वे जरूरत के चलते प्रवास करते हैं... वे अपराधी नहीं हैं." राष्ट्रपति शेनबाउम ने यह भी वादा किया कि जो भी प्रवासी अपने देश लौटना चाहते हैं, उन्हें सरकार हरसंभव मदद देगी. उन्होंने जोर देकर कहा, "मानवाधिकारों का हमेशा सम्मान होना चाहिए."
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Source: IOCL





















