एक्सप्लोरर

क्या पाकिस्तान बन जाएगा अफगानिस्तान? क्या है टीटीपी जिसे हर कीमत पर खत्म करना चाहता है इस्लामाबाद

पाकिस्तान की ओर से मंगलवार (24 दिसंबर) रात को की गई एयरस्ट्राइक बताती है कि इस्लामाबाद के लिए टीटीपी कितना बड़ी चुनौती बन चुका है.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आज पाकिस्तान के सामने सबसे बड़े खतरे के रूप में खड़ा है. टीटीपी की वजह से इस्लामाबाद को अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक तक करनी पड़ी है. आखिर टीटीपी क्या है, इसका मकसद क्या है ? क्यों पाकिस्तान इसे खत्म करना चाहता है?

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का गठन 2007 में पाकिस्तान में अलग-अलग रूप से एक्टिव विभिन्न चरमपंथी गुटों के साथ आने से हुआ. दिसंबर 2007 में बैतुल्लाह महसूद (जिसकी मौत हो चुकी है) के नेतृत्व में टीटीपी के अस्तित्व की आधिकारिक घोषणा की गई.

यह कदम दरअसल फेडरल प्रशासित जनजातीय क्षेत्रों (एफएटीए) में अल-कायदा आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तानी सैन्य अभियान के जवाब में उठाया गया था.

टीटीपी का वर्तमान नेता नूर वली महसूद है, जिसने सार्वजनिक रूप से अफगान तालिबान के प्रति निष्ठा जताई है. दोनों तालिबान एक समान विचारधारा साझा करते हैं लेकिन दोनों समूहों के पास अलग-अलग ऑपरेशन और कमांड संरचनाएं हैं.

टीटीपी का उद्देश्य पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और राज्य के खिलाफ आतंकवादी अभियान चलाकर पाकिस्तान सरकार को उखाड़ फेंकना है. मीडिया रिपोट्स् के मुताबिक यह पाकिस्तान की निर्वाचित सरकार को हटाकर इस्लामी कानून की अपनी व्याख्या के आधार पर एक कट्टरवादी शासन की नींव रखना चाहता है.

टीटीपी का गढ़ अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के आसपास का जनजातीय क्षेत्र है, जहां से वह अपने लड़ाकों की भर्ती करता है.

यह आतंकवादी समूह पाकिस्तान में कुछ सबसे खूनी हमलों के लिए जिम्मेदार है. यह नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई पर गोली चलाने की घटना में भी शामिल था. 2012 में तालिबान द्वारा महिलाओं को शिक्षा से वंचित करने के प्रयासों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए मलाला पर गोली चलाई गई थी. हमले में वह बच गई थी.

पाकिस्तानी तालिबान की ताकत कितनी है इस बारे में अलग-अलग अनुमान लगाए जाते रहे हैं.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग में पाकिस्तानी राजनयिक उस्मान इकबाल जादून ने कहा, "6,000 लड़ाकों के साथ टीटीपी अफगानिस्तान में सक्रिय सबसे बड़ा सूचीबद्ध आतंकवादी संगठन है. हमारी सीमा के नजदीक सुरक्षित ठिकानों के साथ, यह पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए एक सीधा और दैनिक ख़तरा है."

अगस्त 2021 में तालिबान के फिर से काबुल की सत्ता पर कब्जा करने के बाद टीटीपी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी. अफगान तालिबान और पाकिस्तान के गहरे रिश्ते टीटीपी की वजह से बेहद खराब हो गए.

हाल के दिनों में, इस्लामाबाद ने बार-बार अफगान सरकार पर टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाया है. हालांकि काबुल इस्लामाबाद के दावे को खारिज करता रहा है. हालांकि अफगान तालिबान ने पाकिस्तान और टीटीपी के बीच वार्ता में मध्यस्थता की, जिसके कारण पाकिस्तान में दर्जनों टीटीपी कैदियों की रिहाई हुई.

नवंबर 2021 में, अफगान तालिबान ने प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार और टीटीपी के बीच एक महीने के संघर्ष विराम को स्थापित करने में मदद की लेकिन युद्ध विराम की अवधि समाप्त होने पर इसे नवीनीकृत नहीं किया गया. इसके बाद टीटीपी ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ा दिए.

तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान सरकार टीटीपी पर लगाम नहीं लगा सकी है. पिछले हफ्ते ही, टीटीपी के लड़ाकों ने दक्षिणी वज़ीरिस्तान में कम से कम 16 पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी. यह सुरक्षाकर्मियों पर हाल ही में हुए सबसे घातक हमलों में से एक था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि विशेष तौर पर पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में, हमलों और मौतों में वृद्धि हुई है. ये दोनों प्रांत अफगानिस्तान की सीमा से सटे हैं.

पाकिस्तान की ओर से मंगलवार (24 दिसंबर) रात को की गई एयरस्ट्राइक बताती है कि इस्लामाबाद के लिए टीटीपी कितना बड़ी चुनौती बन चुका है. तालिबान के मुताबिक पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में कम से कम 46 लोगों की मौत हुई है. इनमें से मृतकों में अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं.

तालिबान शासन ने इस मुद्दे पर इस्लामाबाद के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है और चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान की क्षेत्रीय संप्रभुता एक लाल रेखा है. हालांकि इस्लामाबाद ने एयरस्ट्राइक पर अभी कुछ नहीं बोला है.

इससे पहले मार्च में भी पाकिस्तान ने ऐसी ही एयर स्ट्राइक की थी जिसमें तीन बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी.

अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने गुरुवार को कहा, "अफगानिस्तान अपने क्षेत्र पर हुए आक्रमण को नहीं भूलेगा, और पाकिस्तानी शासकों को एक संतुलित नीति अपनानी चाहिए."

अपने भाषण के दौरान विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को "सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के भाग्य से सीखने" की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान कभी भी आक्रमणों को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तान के लोगों से अपने शासकों की गलत नीतियों को रोकने की अपील भी की.

आईएएनएस

एमके/

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान ने रद्द की US के साथ शांति वार्ता, धरी रह गई पाक की पूरी प्लानिंग! होर्मुज को लेकर नया अपडेट
ईरान ने रद्द की US के साथ शांति वार्ता, धरी रह गई पाक की पूरी प्लानिंग! होर्मुज को लेकर नया अपडेट
भारत के दोस्त पर फ्रांस ने लगाया प्रतिबंध! डिफेंस एग्जिबिशन से किया बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला
भारत के दोस्त पर फ्रांस ने लगाया प्रतिबंध! डिफेंस एग्जिबिशन से किया बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला
पाकिस्तान ने ट्रंप की चेतावनी को किया अनदेखा, अब्राहम समझौते से इनकार, इजरायल ने क्या कहा?
पाकिस्तान ने ट्रंप की चेतावनी को किया अनदेखा, अब्राहम समझौते से इनकार, इजरायल ने क्या कहा?
शादी के कुछ घंटों बाद हेलीकॉप्टर क्रैश में पायलट की मौत, पत्नी संग भरी थी उड़ान, पलभर में उजड़ी जिंदगी
शादी के कुछ घंटों बाद हेलीकॉप्टर क्रैश में पायलट की मौत, पत्नी संग भरी थी उड़ान, पलभर में उजड़ी जिंदगी

वीडियोज

Surya Murder Case | Asad Encounter | Mahadangal: योगी आदित्यनाथ ने आखिर किसे दी ये चेतावनी? |
Surya Murder Case | Bharat Ki Baat: नो FIR, फैसला ऑन द स्पॉट! UP में खत्म हो गया अदालतों का काम?
Surya Murder Case | Asad Encounter | Abp Report: असद के घर पर मुनादी, 15 दिन में चलेगा बुलडोजर!
Sandeep Chaudhary | Surya Murder: चौराहे पर यमराज...यूपी में रामराज? | Ghaziabad | Yogi | Encounter
Lucknow News | Kansa Pasi Fort Update :पासी समाज के ज्ञापन पर क्यों हुई तीखी गरमा-गर्मी?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
समन की अनदेखी, बुलाने पर भी नहीं पहुंचे, अब अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची CID, क्या है पूरा मामला?
समन की अनदेखी, बुलाने पर भी नहीं पहुंचे, अब अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची CID, क्या है मामला?
यूपी में 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज से उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत, जानें पूरी डिटेल
यूपी में 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज से उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत, जानें पूरी डिटेल
क्या असली गोल्ड से बना होता है फीफा गोल्डन बूट, किसे मिलता है ये खास अवॉर्ड? कीमत उड़ा देगी होश
क्या असली गोल्ड से बना होता है फीफा गोल्डन बूट, किसे मिलता है ये खास अवॉर्ड? कीमत उड़ा देगी होश
नागा चैतन्य के डीपफेक वीडियो के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया निर्देश, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
नागा चैतन्य के डीपफेक वीडियो के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया निर्देश, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
ईरान ने लॉन्च किया टोल-कलेक्टर शिप, US की नाराजगी के बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों से करेगा वसूली
ईरान ने लॉन्च किया टोल-कलेक्टर शिप, US की नाराजगी के बाद भी होर्मुज में जहाजों से करेगा वसूली
सालों तक बंद थे फोन, हमले के दिन हुए एक्टिव, पहलगाम टेरर अटैक की जांच में पाकिस्तान फिर बेनकाब
सालों तक बंद थे फोन, हमले के दिन हुए एक्टिव, पहलगाम टेरर अटैक की जांच में पाकिस्तान फिर बेनकाब
Cool Places Near Delhi: दिल्ली की तपती गर्मी से चाहिए राहत? ये 5 जगहें गर्मियों में भी रहती हैं 25°C से नीचे
दिल्ली की तपती गर्मी से चाहिए राहत? ये 5 जगहें गर्मियों में भी रहती हैं 25°C से नीचे
Soil Testing Without Lab: खेत की मिट्टी बिना लैब टेस्ट के कैसी है? किसान इन संकेतों से लगा सकते हैं अंदाजा
खेत की मिट्टी बिना लैब टेस्ट के कैसी है? किसान इन संकेतों से लगा सकते हैं अंदाजा
Embed widget