5 मिनट में काबू, 2 घंटे में देश से बाहर...आधी रात को घर से कैसे उठाए गए मादुरो, जानें अमेरिका के ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी
Operation Absolute Resolve: अमेरिका ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट-रिजॉल्व के तहत आधी रात वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार किया. जानिए पूरे ऑपरेशन की कहानी.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की अंदरूनी कहानी सामने आ रही है. अमेरिका ने इस मिशन को ऑपरेशन एब्सोल्यूट-रिजॉल्व (OAR) नाम दिया था, जिसे बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया. यह ऑपरेशन शुक्रवार रात शुरू हुआ और शनिवार तड़के तक पूरा कर लिया गया. इस पूरे मिशन में अमेरिकी सेना, डेल्टा फोर्स, CIA, नेवी और FBI ने मिलकर काम किया.
रात के अंधेरे में शुरू हुआ ऑपरेशन
स्थानीय समय के मुताबिक शुक्रवार रात और शनिवार सुबह करीब 2 बजे के आसपास अमेरिका ने ऑपरेशन शुरू किया. सबसे पहले वेनेजुएला के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, ताकि देश का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर किया जा सके. इसका मकसद यह था कि डेल्टा फोर्स के हेलीकॉप्टर बिना किसी रुकावट के मादुरो तक पहुंच सकें.
Fuerte Tiuna बना ऑपरेशन का केंद्र
काराकास का बड़ा मिलिट्री बेस Fuerte Tiuna इस ऑपरेशन का मुख्य निशाना था. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि निकोलस मादुरो यहीं मौजूद हैं. हवाई हमलों के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्स इस इलाके में दाखिल हुई और मादुरो को उनके परिसर से हिरासत में ले लिया गया.
2 घंटे 28 मिनट में पूरा मिशन
स्थानीय समय के अनुसार सुबह 2:01 बजे अमेरिकी डेल्टा फोर्स मादुरो के ठिकाने तक पहुंच गई थी. इसके बाद महज 2 घंटे 28 मिनट में मादुरो को लेकर समुद्र तट तक पहुंचा गया. सुबह 4:29 बजे डेल्टा फोर्स ने ऑपरेशन पूरा कर इलाके से निकल गई.
USS Iwo Jima से देश से बाहर ले जाए गए मादुरो
वेनेजुएला के तट से करीब 100 मील दूर अमेरिकी युद्धपोत USS Iwo Jima पहले से तैनात था. सुबह करीब 11 बजे मादुरो को इसी वॉरशिप के जरिए वेनेजुएला से बाहर निकाला गया. मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पहले ग्वांतानामो नौसैनिक बेस ले जाया गया. वहां FBI का एक विशेष बोइंग 757 सरकारी विमान पहले से तैयार था. इसी विमान से दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया. न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयरपोर्ट पर उतरने के बाद मादुरो को सीधे DEA हेडक्वार्टर ले जाया गया. इसके बाद हेलीकॉप्टर और फिर कार के जरिए दोनों को Brooklyn Detention Center में शिफ्ट किया गया.
CIA की बड़ी भूमिका, अंदरूनी नेटवर्क तैयार
इस ऑपरेशन में CIA की भूमिका बेहद अहम रही. CIA ने वेनेजुएला सरकार के भीतर और मादुरो के करीबी लोगों में अपने सूत्र तैयार किए थे. इन्हीं सूत्रों के जरिए मादुरो की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी- वे कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं, कहां रुकते हैं और कहां सोते हैं.
मादुरो की सुरक्षा और दिनचर्या पर नजर
CIA ने मादुरो की सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा अध्ययन किया था. किस वक्त कितनी सुरक्षा रहती है, सबसे भरोसेमंद गार्ड कौन हैं और खतरे की स्थिति में मादुरो कहां जाते हैं- इन सभी बातों की जानकारी जुटाई गई. मादुरो की निगरानी के लिए स्टेल्थ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया.
अगस्त से जमीन पर मौजूद थे CIA अधिकारी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CIA के वरिष्ठ अधिकारी अगस्त महीने से ही वेनेजुएला में मौजूद थे. वे लगातार मादुरो की रोजमर्रा की आदतों और मूवमेंट यानी 'पैटर्न ऑफ लाइफ पर काम कर रहे थे. सही लोकेशन की पुष्टि होते ही ऑपरेशन को हरी झंडी दी गई.
पांच मिनट में मादुरो काबू में
बताया जा रहा है कि अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने सिर्फ पांच मिनट में मादुरो को अपने कब्जे में ले लिया. मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिकी सैनिकों को देखकर एक सेफ हाउस की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें भागने का मौका नहीं मिला. अमेरिकी मीडिया का दावा है कि डेल्टा फोर्स ने इस मिशन की बाकायदा रिहर्सल एक महीने पहले ही कर ली थी, ताकि ऑपरेशन में कोई चूक न हो.
ट्रंप ने फ्लोरिडा से देखा लाइव ऑपरेशन
जब यह पूरा ऑपरेशन चल रहा था, उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा में मौजूद थे. वहां से वे लाइव फीड के जरिए पूरे मिशन पर नजर रखे हुए थे. उनके साथ अमेरिकी रक्षा मंत्री और CIA निदेशक भी मौजूद थे. यह ऑपरेशन अमेरिका की अब तक की सबसे हाई-प्रोफाइल विदेशी सैन्य कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है.
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Source: IOCL
























