'जहां मिलें, गोली मारो', बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना ने दिया था प्रदर्शनकारियों को शूटआउट का आदेश; ऑडियो वायरल
Sheikh Hasina Call: बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की एक लीक ऑडियो कॉल में छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने की पुष्टि बीबीसी ने की है. यह कॉल 2024 के प्रदर्शनों के दौरान की गई थी.

Sheikh Hasina Call: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पिछले साल के बड़े छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों को गोली मारने का आदेश दिया था. यह दावा एक लीक ऑडियो कॉल में किया गया है, जिसकी पुष्टि बीबीसी ने की है. इस रिकॉर्डिंग में हसीना को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी देते हुए सुना जा सकता है। वह कहती हैं, 'जहां कहीं भी मिलें, उन्हें गोली मार दी जाएगी.'
कोटा आंदोलन बना बगावत की चिंगारी
यह विरोध प्रदर्शन सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ था. लेकिन कुछ ही दिनों में यह देशभर में उग्र आंदोलन में बदल गया. इस जनविरोध के चलते अंततः शेख हसीना को सत्ता से बाहर होना पड़ा. UN जांच के अनुसार, इस दमन में करीब 1,400 लोग मारे गए, जो कि 1971 के युद्ध के बाद की सबसे भयंकर राजनीतिक हिंसा थी.
जत्राबाड़ी हत्याकांड- 52 की मौत
5 अगस्त को ढाका के जत्राबाड़ी इलाके में सेना की वापसी के बाद पुलिस ने अंधाधुंध गोलीबारी की. नए सबूतों के अनुसार, कम से कम 52 लोगों की जान गई, जो पहले की रिपोर्ट से कहीं अधिक है. ये घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता का आक्रोश और बढ़ गया था.
अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण में मुकदमा
शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध, उकसावे, साजिश और जनसंहार के आदेश देने जैसे गंभीर आरोप हैं. वह सरकार गिरने से पहले भारत भाग गईं. ढाका ने प्रत्यर्पण की मांग की है लेकिन भारत ने अब तक उन्हें नहीं सौंपा है. उनके लौटने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है.
203 अन्य लोगों पर भी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा आरोप तय किए गए हैं, जिनमें कई पूर्व पुलिस और सरकारी अधिकारी शामिल हैं. 73 आरोपी गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं.
हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम प्रशासन की कमान नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के हाथों में है. वे अब देश को आगामी आम चुनावों के लिए तैयार कर रहे हैं.














