गोरखपुर: तीन फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी गिरफ्तार, नकली अप्वाइंटमेंट लेटर देकर लोगों से ऐंठते थे मोटी रकम
बता दें कि ये गिरोह युवाओं को कई विभागों में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर मोटी रकम भी ऐंठता रहा है. इनकी पहचान कुशीनगर के कुबेरस्थान के रहने वाले मेराज अहमद, गोरखपुर के शाहपुर बिछिया सर्वोदयनगर के रहने वाले मनीष वर्मा और शाहपुर बिछिया आजादनगर के रहने वाले राहुल गौड़ के रूप में हुई है.

गोरखपुरः मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में पुलिक और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर वर्दी का धौंस दिखाकर धन उगाही करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से फर्जी दस्तावेज और पुलिस की वर्दी बरामद की है. तीनों शाहपुर इलाके के बिछिया में कमरा लेकर रहते थे. पुलिस ने किराए के कमरे पर रेड कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया. जबकि उनके दो साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गए. ये गिरोह युवाओं को कई विभागों में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर मोटी रकम भी ऐंठता रहा है.
पुलिस लाइन्स सभागार में घटना का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम अशोक वर्मा और सीओ क्राइम/सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि शाहपुर पुलिस को फर्जी पुलिस और क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर दूसरों से धनउगाही करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है. इनकी पहचान कुशीनगर के कुबेरस्थान के रहने वाले मेराज अहमद, गोरखपुर के शाहपुर बिछिया सर्वोदयनगर के रहने वाले मनीष वर्मा और शाहपुर बिछिया आजादनगर के रहने वाले राहुल गौड़ के रूप में हुई है.
पुलिस की मानें तो मुखबीर से सूचना मिली थी कि शाहपुर इलाके के बिछिया में दयाराम निषाद के मकान में पांच युवक कमरा लेकर रहते हैं. वे लोगों से धन उगाही करते हैं. पुलिस टीम हनुमान मंदिर के पास दयाराम के मकान के पास पहुंची. वहां पर दयाराम निषाद और उनके पिता भगवती प्रसाद से पूछताछ की गई. उन्होंने बताया कि मेराज अहमद और मनीष वर्मा रहते हैं, जो खुद को पुलिस विभाग में कार्यरत बताते हैं. उनके पास पुलिस विभाग के कुछ लोग आते-जाते हैं. पुलिस टीम मकान मलिक को लेकर ऊपर की मंजिल पर पहुंची, तो उनके कमरे में ताला बंद था. पुलिस टीम सादी वर्दी में एक कमरे में उन लोगों के आने का इंतजार करने लगी. आधे घंटे बाद दो मोटर साइकिल पर पांच युवक आए और ऊपर कमरे में जाने लगे.
पुलिस टीम ने पांचों को घेराबंदी कर दौड़ाया, तो उसमें से दो युवक भागने में सफल हो गए. पकड़े गए तीन युवकों में मेराज ने फरार युवकों की पहचान संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाना के कैलाशनगर के रहने वाले प्रतीक मिश्रा और गोरखपुर के गुलरिहा भटहट के रहने वाले रूस्तम अली के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबकि मेराज अहमद ने बताया कि वे पुलिस और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को डरा-धमकाकर कार्रवाई के नाम पर पैसा वसूली करते हैं. इसके साथ ही बेरोजगार युवकों को विभिन्न विभागों में नौकरी का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर आर्थिक लाभ कमाते हैं.
ये काम पांचों लोग मिलकर करते हैं. पुलिस ने जब कमरे की तलाशी ली, तो कमरे में भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र मिलें. पुलिस ने इनके पास से वर्दी, यूपी पुलिस का बैच, सीटी, डोरी, यूपी पुलिस का मोनोग्राम लगी हुई टोपी, एक अदद मिलिट्री कलर पैंट, वाकी-टाकी और चार्जर, फर्जी नियुक्ति पत्र, एक अदद मोहर पुलिस अधीक्षक स्थापना/कार्मिक, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और कई विभागों के फार्म भी बरामद किया है. पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 171, 384, 419, 420, 467, 471 और 3/6 बेतार एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
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Source: IOCL


























